आजमगढ। जिले में छठवे चरण में होने वाले मतदान के लिए आजमगढ़ व लालगंज सुरक्षित सीट के भाजपा प्रत्याशियों ने अपना-अपना नामांकन किया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी, एमएलसी दारा सिंह चौहान सहित अन्य नेता मौजूद रहे। इस दौरान  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दो चरणों में संपन्न हुए मतदान में विपक्ष की कोई गतिविधि नहीं दिखी इसलिए मतदान प्रतिशत कम हुआ है। उन्होने दावा किया वे पीएम के चार सौ के पार के लक्ष्य को पूरा करने का काम कर रहे है।

नामांकन में शामिल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष


बुधवार को तीखी धूप के बीच भाजपा के आजमगढ़ प्रत्याशी दिनेश लाल यादव व लालगंज की प्रत्याशी नीलम सोनकर रोड शो करते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। जहां से दोनों प्रत्याशियों ने अपने प्रस्तावकों के साथ नामांकन कक्ष में पहुंचकर नामांकन किया।

नामांकन करने जाती लालगंज प्रत्याशी नीलम सोनकर

नामांकन के बाद बाहर निकले भाजपा के आजमगढ व लालगंज लोकसभा के प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि इस बार हम मोदी जी के चार सौ के लक्ष्य को पूरा कर रहे है। उन्होने कहा कि लगातार मतदान का प्रतिशत जो कम हो रहा है उसके लिए विपक्ष जिम्मेदार है। क्योंकि कांग्रेस, सपा और बसपा के लोग चुनाव के पहले किसी भी प्रकार का रोड शो एवं रैलियों से परहेज  करते रहे है।

नामांकन करने जाते हुए दिनेश लाल यादव निरहुआ

जिसके कारण उनके मतदाता मतदान करने के लिए बाहर नहीं निकल रहे है। इसी कारण उनके मतदाता मतदान करने के लिए बाहर नहीं निकल रहे है। इसलिए दो चरणों में सपन्न हुए लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत कम रहा।
2019 में आजमगढ़ में एक भी सीट न मिलने के सवाल पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम लोग समीक्षा करते है। जहां परिणाम अनकूल आते है वहां भी और जहां नहीं आते है वहां भी समीक्षा करते है। वर्ष 2019 में यूपी में 16 लोकसभा की सीटे नहीं जीत पाए थे उसमें आजमगढ की दोनों सीटे भी शामिल थी। लेकिन बाद में हुए उप चुनाव में आजमगढ़ व रामपुर की जनता ने हमे आर्शीवाद दिया।
प्रदेश में पांच सीटे सपा के परिवार के सदस्यों को दिए जाने के सवाल पर उन्होने कहा कि समाज को इसके बारे में विचार करना चाहिए। इतना बड़ा समाज का नेतृत्व करने वाला समूह केवल एक परिवार के लोग ही नेतृत्व कर सकते है तो विचार उन्हे करना चाहिए। बाकी लोग योग्य है या नहीं है, वे लड़ सकते हैया नहीं लड़ सकते यह जबाव तो समाज के लोगों को करना चाहिए।