रिपोर्ट_______अरुण यादव

आजमगढ़। जिले में हत्या के एक चर्चित मामले में नामजद दो आरोपियों को पुलिस द्वारा चार्जशीट से बाहर कर क्लीनचिट देने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों रमेश दुबे और अमित दुबे को बतौर अभियुक्त 22 जुलाई को न्यायालय में तलब किया है।

अदालत ने विवेचना में प्रथमदृष्टया घोर लापरवाही, पक्षपातपूर्ण रवैये, उदासीनता और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के संकेत मिलने पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को विवेचक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

यह मामला मुबारकपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, अतरडीहा निवासी योगेंद्र सिंह ने अपने बड़े भाई तेजवीर सिंह की हत्या के मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 16 सितंबर 2024 को गाय खरीदने के विवाद के दौरान पठान बस्ती के पास तेजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की, लेकिन नामजद आरोपी रमेश दुबे और अमित दुबे को आरोपियों की सूची से बाहर कर दिया। विचारण के दौरान वादी पक्ष ने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद विवेचक ने जानबूझकर दोनों आरोपियों को क्लीनचिट दे दी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने वादी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय में तलब करने का आदेश दिया और विवेचक की भूमिका की जांच कर उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश डीजीपी एवं एसएसपी को जारी किए।