रिपोर्ट: अरुण यादव


आजमगढ़। जिले ल थाना रौनापार में डिजिटल अरेस्ट और कानूनी प्रक्रिया के बाद साइबर फ्रॉड का शिकार हुए अध्यापक  के खाते में पुलिस ने  दस हज़ार-रुपये वापकराया।


पीड़ित  रविकान्त चौहान पुत्र महेन्द्र चौहान निवासी सेठाकोली थाना रौनापार पेशे से अध्यापक हैं। 26 सितंबर 2024 को उनके विद्यालय के प्रधानाचार्य के पास एक फोन आया कि उनके बेटे को रेप केस में फंसाया गया है और अगर पैसे भेजे जाएं तो उन्हें बचाया जा सकता है। प्रधानाचार्य द्वारा आवेदक से कहकर फ्रॉडस्टर के मोबाइल नंबर पर 10,000/- रुपये भेज दिए गए। जब यह स्पष्ट हुआ कि प्रधानाचार्य भी साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, तब रविकान्त ने 26   सितंबर को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने इसके बाद NCRP पोर्टल के माध्यम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र में आवेदक का पैसा होल्ड कर दिया गया। माननीय न्यायालय से कोर्ट ऑर्डर प्राप्त करने व  कानूनी कार्रवाई करते हुए, सोमवार को दस हज़ार रुपये पीड़ित अध्यापक के खाते में वापस कर दिए गए।