रिपोर्ट___अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के बरदह थाना पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बताए जा रहे दो युवकों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई जिलाधिकारी से गैंगचार्ट अनुमोदित होने के बाद की है। मामले में हेमंत राय उर्फ गोलाल राय निवासी बरदह और आलोक प्रजापति निवासी दूरनपुर, थाना केराकत, जनपद जौनपुर को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। एफआईआर में हेमंत राय को गिरोह का सरगना और आलोक प्रजापति को उसका सहयोगी बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि गिरोह की आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था।

हत्या के मामले का भी एफआईआर में उल्लेख

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में एक पुराने हत्या के मामले का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस के अनुसार, एक नवंबर 2025 को प्रदी गुप्ता के भांजे अंकित गुप्ता की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस दौरान विरोध करने वाले लोगों को धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 335/2026 के तहत धारा 3(5), 103(1) और 351(3) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आलोक प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि हेमंत राय ने 10 नवंबर 2025 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।

डीएम से गैंगचार्ट अनुमोदन के बाद हुई कार्रवाई

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगचार्ट तैयार कर जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट, आजमगढ़ से उसका अनुमोदन कराया। इसके बाद बरदह थाने में हेमंत राय और आलोक प्रजापति के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 2(ख)(i)/3(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सुरेश चंद्र मिश्रा को सौंपी गई है। एफआईआर बरदह थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार की ओर से दर्ज कराई गई है। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।