रिपोर्ट_____अरुण यादव

बरदह (आजमगढ़)। राष्ट्रीय राजमार्ग-128ए (NH-128A) के चौड़ीकरण और प्रस्तावित सिक्सलेन निर्माण को लेकर बरदह बाजार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। बरदह बाजार को बचाने और उपजाऊ कृषि भूमि को प्रभावित होने से रोकने की मांग को लेकर किसान, व्यापारी और ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को हुई बैठक में लोगों ने बाजार के बीच से हाईवे निकालने के बजाय बाहर से बाईपास निर्माण कराने की मांग उठाई।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रस्तावित हाईवे बरदह बाजार के बीच से होकर गुजरता है तो वर्षों से स्थापित दुकानें, मकान और कारोबार प्रभावित होंगे। इससे बड़ी संख्या में व्यापारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। किसानों ने भी कृषि भूमि के प्रभावित होने की आशंका जताते हुए हाईवे के प्रस्तावित एलाइनमेंट का दोबारा सर्वे कराने की मांग की।

बाजार के बाहर से बाईपास बनाने की मांग

बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि घनी आबादी वाले बरदह बाजार के बीच से सिक्सलेन निकालने के बजाय बाजार के बाहर से बाईपास बनाया जाना क्षेत्रहित में होगा। इससे बाजार और आबादी सुरक्षित रहेगी। साथ ही भविष्य में जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्य का विरोध नहीं है, लेकिन बरदह बाजार और लोगों की आजीविका की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डीएम को देंगे ज्ञापन, मुख्यमंत्री पोर्टल पर करेंगे शिकायत

बैठक में निर्णय लिया गया कि अपनी मांग को लेकर ग्रामीण और व्यापारी बुधवार को आजमगढ़ सिविल कोर्ट पहुंचकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जानकारी लेंगे। इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। बाजारवासियों ने आपसी समन्वय के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का भी निर्णय लिया, जिसके माध्यम से आंदोलन और आगे की कार्रवाई से संबंधित कार्यक्रम तय किए जाएंगे। बाजार और किसानों के हित में पुनर्विचार की मांग वहीं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से बरदह बाजार के लिए तत्काल बाईपास की व्यवस्था करने तथा हाईवे की प्रस्तावित कार्ययोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास होना चाहिए जिससे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय परिवारों की आजीविका प्रभावित न हो।

बैठक में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

बैठक में मनोज सिंह, रामलाल यादव, डॉ. रमाकांत राय, अशोक तिवारी, शिव प्रकाश तिवारी, राजेश तिवारी, विशाल तिवारी, मौलवी मास्टर, हनीफ, वकील पांडेय, संजय राय, देवेंद्र मौर्य, राजू गुप्ता, रामचरण गुप्ता, रामचंद्र, विनय विश्वकर्मा, त्रिलोकी राय, अनिल तिवारी, गोपाल यादव, तारकेश्वर, शिवशंकर जायसवाल, योगेश, राममिलन गुप्ता, राकेश तिवारी, मनोज तिवारी, वीरू राय, दामोदर तिवारी, मिलन जायसवाल, रमाशंकर गुप्ता, दिलीप जायसवाल, हेमंत तिवारी, जय विजय राय और वीरेंद्र जायसवाल सहित बड़ी संख्या में बरदह बाजार के व्यापारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।