रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। शहर के बेलइसा क्षेत्र में सोमवार को अर्बन राइज इंडिया निधि लिमिटेड का शुभारंभ हुआ। संस्थान का उद्घाटन भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में संस्था की डायरेक्टर शिव कुमारी सिंह, सुमित चौबे, सिद्धार्थ गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अर्बन राइज इंडिया निधि लिमिटेड की मुख्य शाखा बेलइसा में बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने स्थित है। उद्घाटन के दौरान भाजपा नेता जयनाथ सिंह ने प्रोप्राइटर/डायरेक्टर सुकुमारी सिंह पत्नी सूर्य प्रताप सिंह को आजमगढ़ सहित पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में संस्था की शुरुआत करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

संस्था के एचआर एवं सेल्स हेड विपिन कुमार सिंह ने बताया कि अर्बन राइज इंडिया निधि लिमिटेड का मुख्य उद्देश्य निम्न एवं मध्यम वर्ग के लोगों में बचत की आदत को बढ़ावा देना तथा छोटे व्यापारियों को माइक्रोफाइनेंस उपलब्ध कराकर उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में सहयोग करना है।

उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से दैनिक आरडी, मासिक आरडी और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी योजनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दैनिक आरडी की शुरुआत महज 50 रुपये से की जा सकती है। विभिन्न योजनाओं की अवधि 2 वर्ष से 5 वर्ष तक है, जबकि ब्याज दर 8.5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक बताई गई है।

विपिन कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान शाखा के अलावा आगामी वित्तीय वर्ष में 4 से 5 नई शाखाएं खोलने की योजना है। उन्होंने कहा कि संस्था के एडवाइजर स्वयं बाजार में जाकर ग्राहकों को कलेक्शन की सुविधा प्रदान करते हैं। साथ ही युवाओं के लिए संस्था से जुड़कर काम करने और रोजगार प्राप्त करने के अवसर भी उपलब्ध हैं।

मीडिया से बातचीत में संस्था की डायरेक्टर शिव कुमारी सिंह, उनके पति सूर्य प्रताप सिंह, डायरेक्टर सुमित चौबे और सिद्धार्थ गुप्ता ने कहा कि ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग की विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनके विश्वास पर खरा उतरना संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सामान्य उपभोक्ताओं से लेकर छोटे-बड़े व्यापारियों तक की जरूरत के अनुसार अलग-अलग आर्थिक योजनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उद्घाटन समारोह में भाजपा नेता जयनाथ सिंह, अरविंद जायसवाल, स्वतंत्र देव सिंह मुन्ना, डॉ. मनीष त्रिपाठी, सत्यम गुरु सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने संस्था के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए संचालकों को शुभकामनाएं दीं।