आजमगढ़। जिले के जीयनपुर कोतवाली के क्षेत्र में लोको पायलट दुर्गेश कुमार की हत्या के मामले में  5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब दूसरे पक्ष की एक युवती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोप लगाया कि दुर्गेश कुमार लंबे समय से उसे और उसके परिवार को परेशान कर रहा था। युवती का दावा है कि यह हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या का मामला है, जिसे राजनीतिक रंग देकर पुलिस पर दबाव बनाया गया और उसके परिवार सहित समाज के एक अन्य व्यक्ति को भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया।

युवती ने  एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि दुर्गेश कुमार उस पर जबरन शादी का दबाव बनाता था। उसने उसका करीब तीन साल तक डरा धमकाकर शोषण किया। वह कहता था कि उसके पास उसका वीडियो है, जिसे वायरल कर उसकी और परिवार की इज्जत खराब कर देगा। वह मोबाइल पर लगातार कॉल व संदेश भेजकर डराता और बात न करने पर युवती के दोस्तों से संपर्क कर मजबूर करता था। साथ ही घर आकर परिजनों से अभद्र व्यवहार कर मारपीट की धमकी देता था। पूरे परिवार में डर का माहौल बन गया था।

युवती ने बताया कि सात सितंबर को दुर्गेश कुमार घर के पास आकर मारपीट करने की कोशिश की और तालाब के पास परिवार से हाथापाई की। उसने आत्महत्या की धमकी देकर भयभीत किया। बाद में उसने एटीएम से पैसे निकालकर जहरीला पदार्थ खाया और मोबाइल से वीडियो बनाकर युवती, उसके परिवार और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति ज्ञानेंद्र मिश्र को अपनी मौत का जिम्मेदार बताकर वायरल कर दिया। आरोप है कि ज्ञानेंद्र मिश्र ने उसे समझाया था कि ऐसा कदम न उठाए, फिर भी उनका नाम गलत तरीके से जोड़ा गया।

युवती ने एसएसपी से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दुर्गेश कुमार ने आत्महत्या स्वयं की है और उसका परिवार व अन्य किसी व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। युवती ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि सच सामने आना चाहिए ताकि उसकी, उसके परिवार और समाज के सम्मानित व्यक्ति ज्ञानेंद्र मिश्र की छवि बेवजह न खराब हो।

गौरतलब है कि बीते 7 सितंबर की शाम को दुर्गेश कुमार को गंभीर हालत में परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया जंहा उसकी मौत हो गई। इस घटना में परिजनों ने हत्या का आरोप लगते हुए तहरीर दिया कि दुर्गेश को मारपीट कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया गया और उसे कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया गया था। घटना के बाद परिजनों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया था और कार्रवाई की मांग की थी। इस घटना में दस सितंबर को पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिहा ।