आज़मगढ़। आजमगढ़ जेल में हुई वित्तीय अनियमितता के मामले में जहां जेल अधीक्षक को निलंबित किया गया है, वहीं कई और कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की गाज गिर सकती है। इस बीच श्रावस्ती के जेल अधीक्षक आशीष रंजन को आजमगढ़ जेल का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
बात दें कि आज़मगढ़ जिला कारागार के बैंक खाते से दो बंदियों व जेल कर्मियों की मिलीभगत से 52.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग ने आजमगढ़ के जेल अधीक्षक आदित्य कुमार को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जेलर सहित अन्य अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई व जांच चल रही है। चर्चा है कि इस मामले में जेल के अन्य अधिकारी व कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। विभाग के साथ-साथ पुलिस भी अपनी जांच कर रही है।
एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच को चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। गठित टीम ने केनरा बैंक सहित जिन-जिन खातों में भुगतान हुआ है, उनका स्टेटमेंट मंगाया है। 52.85 लाख रुपये के गबन मामले में विभागीय जांच में जेल अधीक्षक, जेलर सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। यही नहीं पिछले डेढ़ साल में एक बार भी ऑडिट नहीं हुआ है, जिस वजह से जेल प्रशासन का पूरा सिस्टम संदेह के दायरे में है। विभाग अब तक हुए सभी भुगतानों के विवरण की जांच कर रहा है। साथ ही जेल में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी सुरक्षित किया जा रहा है।
वही डीजी जेल पीसी मीणा ने बताया कि जांच पूरी होने तक श्रावस्ती जेल अधीक्षक आशीष रंजन को आजमगढ़ जिला कारागार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
