आज़मगढ़। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के तीन माह के वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, सेठवल (रानी की सराय) में वृहद वित्तीय समावेशन शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच बढ़ाना और आमजन को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक, लखनऊ की महाप्रबंधक श्रीमती सोनाली दास उपस्थित रहीं। उन्होंने शिविर का अवलोकन किया और ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें आधुनिक बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल लेनदेन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, आज़मगढ़ के निदेशक समेत बैंक अधिकारियों ने भाग लिया।
शिविर में ग्रामीणों को केंद्र सरकार की योजनाओं प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना की जानकारी दी गई। श्रीमती दास ने कहा कि डिजिटल लेनदेन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जागरूकता से ग्रामीण भारत को सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।
बैंक अधिकारियों ने प्रतिभागियों को साइबर फ्रॉड से बचाव, केवाईसी की महत्ता और विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के तरीके बताए। शिविर में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। मौके पर कई लोगों ने पंजीकरण कर योजनाओं का लाभ लिया। इस आयोजन से वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा मिला और ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम बढ़ा।
इस अवसर पर गुलाब सिंह निदेशक, चंद्रेश कुमार पाठक, विजय शंकर पांडेय, प्रांजल सिंह, आकाश दीप, सुरेश प्रसाद एवं एफएलसीसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
