रिपोर्ट: अरुण यादव

आज़मगढ़ । आज़मगढ़ पुलिस की तेज़ कार्रवाई और तकनीकी दक्षता के कारण साइबर अपराधियों द्वारा पीड़िता के उड़ाए गए ₹2,61,000/- की पूरी रकम वापस दिला दी। बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड के बीच यह कार्रवाई आम लोगों में भरोसा बढ़ाने वाली और अपराधियों के लिए  संदेश है साइबर ठगी अब बच नहीं पाएगी।

शहर कोतवाली के हीरापट्टी निवासिनी पीड़िता शमीम मौर्या को एक शातिर ने सस्ता ई-रिक्शा दिलाने का झांसा देकर UPI/ऑनलाइन बैंकिंग से चरणबद्ध तरीके में ₹2,61,000/- ठग लिए। पीड़िता ने जब थाना कोतवाली में सूचना दी, तो पुलिस ने बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कराई और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

तेज़ी से कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खाते को समय रहते होल्ड कराया गया। शहर कोतवाली पुलिस और साइबर से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसके बाद बैंकिंग प्रणाली और नोडल अधिकारियों से लगातार समन्वय करते हुए पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार हुई महिला को उसकी संपूर्ण धनराशि ₹2,61,000/- वापस दिलाई है।

पुलिस ने अपील की है कि  किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी/साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। किसी अजनबी के लिंक, कॉल या ऑफ़र पर भरोसा न करें।