
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों के निस्तारण को लेकर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की वसूली प्रगति, लंबित राजस्व वादों तथा आमजन से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। वहीं समीक्षा के दौरान वन एवं वानिकी, सड़क व पुल, भू-राजस्व तथा नगर विकास विभाग की वसूली लक्ष्य के सापेक्ष कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खतौनी में नाम मिसमैच की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार तत्काल सुधार कराया जाए। साथ ही खतौनी में त्रुटिपूर्ण अंश सुधार से जुड़े ऑनलाइन आवेदनों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि वरासत, अंश निर्धारण एवं अंश सुधार जैसे मामलों के कारण फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को ऑनलाइन लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लेखपालों के खिलाफ बार-बार शिकायतें मिल रही हैं, उनकी जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से निस्तारित किया जाए।
भू-माफियाओं और अतिक्रमणकर्ताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि तहसीलवार बड़े भू-माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर टीम गठित कर जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर भू-माफिया घोषित कर कार्रवाई की जाए।
धारा 34 और धारा 67 के वादों के निस्तारण में प्रगति धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित तहसीलदारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा धारा 24, 38, 80 और 116 के मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मृतक किसानों के परिजनों को निर्धारित समय सीमा में योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए और किसी प्रकार की लापरवाही या देरी न हो। वहीं बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गम्भीर सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा सहित समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
