राजीव चौहान
आज़मगढ़। दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की जांच में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करने की कोशिश जारी है। इस मॉड्यूल में शामिल डॉक्टरों के नेटवर्क के अतिरिक्त अब एटीएस की नजर उन युवकों और सहयोगियों पर भी है, जो कथित तौर पर उनकी ‘बी-टीम’ का हिस्सा थे। इसी क्रम में आजमगढ़ के मिर्जा शादाब बेग का नाम भी चर्चा में है।
जिले में सुरक्षा को लेकर पुलिस व खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि कई बड़ी आतंकी घटनाओं में पहले भी आजमगढ़ के कुछ व्यक्तियों के नाम जुड़े रहे हैं। मुंबई सीरियल ब्लास्ट, गुलशन कुमार हत्याकांड, कचहरी धमाके, अहमदाबाद ब्लास्ट और बाटला हाउस एनकाउंटर जैसे मामलों के कारण आजमगढ़ हमेशा खुफिया एजेंसियों के रडार पर रहा है।
मुंबई सीरियल ब्लास्ट में आजमगढ़ का नाम
12 मार्च 1993 के मुंबई ब्लास्ट की जांच में सरायमीर निवासी अबू सलेम की भूमिका सामने आई। दाऊद गिरोह से जुड़ा होने के कारण ब्लास्ट की साजिश और हथियार सप्लाई में उसका नाम प्रमुखता से आया।
गुलशन कुमार की हत्या और ‘मेड इन बम्हौर’ पिस्टल
वर्ष 1997 में गुलशन कुमार की हत्या में जिस पिस्टल का इस्तेमाल हुआ, उस पर ‘मेड इन बम्हौर’ लिखा मिला था। यह स्थान आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र का गांव है, जो उस समय अवैध असलहा निर्माण के लिए चर्चित था।
लखनऊ–वाराणसी–फैजाबाद कचहरी ब्लास्ट में नाम
वर्ष 2007 के कचहरी धमाकों के बाद जांच में आजमगढ़ के सलीम, इमरान और मौलाना तारिक कासमी के नाम सामने आए थे। तारिक कासमी को बाद में अदालत ने उम्रकैद की सजा दी।
वाराणसी और गोरखपुर ब्लास्ट के बाद मिली संदिग्ध कारें
वर्ष 2006 के वाराणसी धमाकों के बाद आजमगढ़ रेलवे स्टेशन से एक संदिग्ध कार मिली थी। 2007 गोरखपुर धमाकों के बाद रैदोपुर कॉलोनी से एक और लावारिस कार मिलने पर जिले की गतिविधियों पर एजेंसियों ने फिर फोकस बढ़ाया।
अहमदाबाद ब्लास्ट में अबू बशर का नाम
वर्ष 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में बीनापार निवासी अबू बशर को साजिश का मास्टरमाइंड पाया गया। उसके साथ संजरपुर और अन्य क्षेत्रों के युवकों के नाम भी सामने आए थे।
बाटला हाउस एनकाउंटर से जुड़ा कनेक्शन
जामियानगर के बाटला हाउस में वर्ष 2008 में हुई मुठभेड़ में मारे गए आतिफ अमीन व मोहम्मद साजिद और गिरफ्तार जीशान का संबंध आजमगढ़ के संजरपुर गांव से बताया गया था। शहजाद और आरिज खान समेत कई युवकों पर एनआईए ने इनाम घोषित किया था।
वर्ष 2021 में लखनऊ से पकड़े गए दो आतंकी
लखनऊ में वर्ष 2021 में गिरफ्तार दो आतंकियों की जांच में भी आजमगढ़ के कई इलाकों सरायमीर, संजरपुर और मुबारकपुर के युवकों पर एजेंसियों ने नजर रखी।
ISIS से जुड़े सबाउद्दीन की गिरफ्तारी
अगस्त 2022 में एटीएस ने मुबारकपुर से सबाउद्दीन आजमी को गिरफ्तार किया था। वह आईएसआईएस से संपर्क में था और स्वतंत्रता दिवस से पहले विस्फोट की तैयारी कर रहा था। उसके पास से आईईडी बनाने का सामान बरामद हुआ था।
बहरहाल दिल्ली धमाके के बाद एक बार फिर आजमगढ़ खुफिया एजेंसियों की विशेष निगरानी में है। जांच एजेंसिया जिस नए मॉड्यूल का खुलासा कर रही है, उसमें डॉक्टरों के नेटवर्क के साथ जिले से जुड़े युवकों की भूमिका की भी जांच चल रही है।
