आजमगढ़। जिले के अहरौला के मड़ना गांव में फर्जी दरोगा बनकर शादी करने वाले प्रदीप यादव के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। पीड़िता काजल यादव की तहरीर पर निजामाबाद पुलिस ने अहरौला पुलिस की मदद से प्रदीप के परिजनों को नोटिस तामील कराया। मामला दहेज, धोखाधड़ी और फर्जी पहचान से शादी का है।
मिली जानकारी के अनुसार, निजामाबाद थाना क्षेत्र के मिठ्ठनपुर गांव निवासी काजल यादव की शादी 16 फरवरी 2022 को अहरौला थाना क्षेत्र के मड़ना गांव निवासी प्रदीप यादव के साथ हुई थी। शादी के समय लड़की पक्ष को बताया गया था कि प्रदीप पुलिस विभाग में तैनात है, जिसके कारण भारी-भरकम दहेज लिया गया।

विदाई के बाद जब काजल पति के घर पहुंची तो कुछ ही सप्ताह में उसे प्रदीप के सूटकेस से उसके नाम से दो फर्जी पुलिस आईडी कार्ड, अलग-अलग नाम से कई आधार कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज मिले। दस्तावेजों को देखकर काजल को अपने पति की पहचान पर शक हुआ।

काजल का आरोप है कि इसी दौरान ससुराल वाले दहेज कम होने का ताना देते हुए उसे प्रताड़ित करने लगे। इसी बीच प्रदीप ने काजल से कहा कि उसका प्रमोशन उप निरीक्षक के पद पर हो गया है और मेडिकल में एक लाख रुपये जमा करने हैं। इस पर काजल ने मायके से एक लाख रुपये मंगाकर प्रदीप को दे दिए।

बाद में प्रदीप काजल से कहकर चला गया कि वह ट्रेनिंग पर जा रहा है और बिना जरूरत फोन न किया जाए। संदेह बढ़ने पर काजल 26 अगस्त को अपने पिता के साथ प्रयागराज के दारागंज थाने गई, जहां प्रदीप की कोई पुलिस पोस्टिंग नहीं मिली। अगले दिन परिजन प्रयागराज पुलिस लाइन पहुंचे, जहां भी प्रदीप के नाम का कोई उप निरीक्षक नहीं पाया गया।

इसके बाद काजल ने चार सितंबर को निजामाबाद थाने में पति प्रदीप यादव समेत ससुर, सास और ननद पर दहेज प्रताड़ना, धोखाधड़ी और फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर शादी करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके आधार पर बुधवार को निजामाबाद पुलिस अहरौला पुलिस के सहयोग से मड़ना गांव पहुंची और प्रदीप के परिजनों को नोटिस तामील किया।

अहरौला थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि
मड़ना गांव निवासी फर्जी दरोगा बनकर शादी करने और पत्नी को झांसा देने के मामले में पत्नी ने अपने स्थानीय थाना निजामाबाद में प्रथमिकी दर्ज कराया था, जिसमें नोटिस का तामिला करने निजामाबाद पुलिस यहां आई थी और थाने के सहयोग से परिजनों को नोटिस दिया गया है।