आज़मगढ़। कला जब मंच की सीमाएँ तोड़कर सड़क पर उतर आए और हर कदम के साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश बिखरे,तो वह दृश्य सिर्फ देखा नहीं जाता, महसूस किया जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा आज देखने को मिला जब हुनर सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित 24वें हुनर रंग महोत्सव के चौथे दिन कलाकारों ने शहर की सड़कों को ही अपना मंच बना लिया।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे कलाकारों की रंगयात्रा ने जैसे पूरे शहर को रंग, ताल और भाव से सराबोर कर दिया। यह रंगयात्रा अग्रवाल धर्मशाला से प्रारंभ होकर तकिया, कोट दलालघाट, चौक मातबरगंज होते हुए पुनः अग्रवाल धर्मशाला पर आकर समाप्त हुई। यात्रा का नेतृत्व अभिषेक जायसवाल ‘दीनू’ ने किया।
इस रंगयात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने सहभागिता कर ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
रॉकिंग डांस ग्रुप कैमूर (बिहार), नृत्य कला केंद्र उड़ीसा, सालेपुर कला केंद्र कटक (उड़ीसा),
पीपीएस डांस ग्रुप उत्तराखंड, साथ ही सुल्तानपुर, फिरोजाबाद, झारखंड और हुनर संस्थान के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय में चल रहे रंग महोत्सव के सांध्य सत्र का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन अतिथि कलाकारों विशंभर साहू (वापी), बिधा न चंद्र दास एवं किशोर कुमार दलाई ने किया।
सर्वप्रथम एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें बीके दास कल्चरल अकैडमी, कोलकाता के कलाकारों ने लोक, शास्त्रीय और वेस्टर्न सहित 70 से अधिक नृत्य शैलियों की अद्भुत प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया।
दूसरे सत्र में पथ, जमशेदपुर द्वारा मोहम्मद निजाम के निर्देशन में नाटक ‘अतृप्त’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। सामाजिक संवेदनाओं को छूते इस नाटक ने दर्शकों को सोचने पर विवश कर दिया।
इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी एवं सदस्यगण अनूप अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, रमाकांत वर्मा, प्रमोद कुमार सिंह, गजराज प्रसाद, सुनील कुमार अग्रवाल, रिमझिम प्रजापति, आस्था दुबे, तारा, रितिका, डॉ. पंकज सिंह, संतोष कुमार सिंह, अभिषेक राय ‘तोशी’, कमलेश सोनकर, राज पासवान, दीपक जायसवाल, रवि गोंड सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।
