आज़मगढ़। जिले में जमीनी विवाद अब खुली बयानबाज़ी और सियासी आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। दो दिन पहले भाजपा के जिला उपाध्यक्ष द्वारा पुलिस पर आरोप लगाते हुए आत्मदाह की धमकी देने का मामला चर्चा में था, वहीं अब उसी विवाद में दूसरे पक्ष ने प्रेस वार्ता कर पलटवार किया है। पीड़ित पक्ष ने भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पर राजनीतिक पद की धौंस दिखाकर प्रशासन को गुमराह करने और सरकार के भू-माफिया पर जीरो टॉलरेंस के दावे को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा नेता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।


रानी की सराय थाना क्षेत्र के ग्राम मझगांवा निवासी 80 वर्षीय युगमणि सिंह पुत्र स्व. रामदेव सिंह के पुत्र विजय प्रताप सिंह ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि उनके पिता ने वर्ष 1985 में 28 बिस्वा भूमि रजिस्टर्ड बैनामा कराकर खरीदी थी, जो वर्तमान में सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। आरोप है कि बैनामाकर्ता द्वारा साजिश के तहत गलत चौहद्दी दिखाकर अन्य लोगों के पक्ष में बिना कब्जे का एग्रीमेंट करा दिया गया।


विजय प्रताप सिंह का कहना है कि जब उनके पिता अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करा रहे थे, तभी विपक्षियों द्वारा बार-बार काम रोका गया। आरोप है कि 8 जनवरी को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और मिस्त्री-मजदूरों को भगा दिया गया। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हरिबंस मिश्रा अपने राजनीतिक पद का दुरुपयोग कर अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं और मीडिया के जरिए भ्रामक बयान दिलवाकर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।


वहीं भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हरिवंश मिश्रा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि एक ही दिन 28 कड़ी का बैनामा कराया गया था, जिसमें आधी जमीन उनके भाई और आधी उनके चाचा की है। आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष ने फ्राड कर चौहद्दी बढ़ा ली है। उन्होंने बताया कि 22 कड़ी पर मकान बन चुका है और शेष 6 कड़ी लेने की बात कही जा रही है, लेकिन जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।
हरिवंश मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कभी प्रशासन पर दबाव नहीं बनाया, बल्कि निष्पक्ष जांच की मांग की है।