आजमगढ़। महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर महाराणा प्रताप सेना ने रविवार को हरिओध कला केंद्र में राष्ट्रीय सम्मेलन पराक्रम का आयोजन किया। सम्मेलन में महाराणा प्रताप के वीरता और पराक्रम पर चर्चा की गई और 351 सेनानियों एवं उनके परिवारजनों को उनके सम्मान में महाराणा प्रताप का चित्र, स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र प्रदान किए गए। आगंतुकों का हल्दीघाटी की मिट्टी से तिलक लगाकर स्वागत किया गया


मुख्य अतिथि प्रदेश कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और वीरता का प्रतीक है। उन्होंने महाराणा प्रताप के 82 किलो के पोशाक और 72 किलो की तलवार की बात याद दिलाते हुए उनके हल्दीघाटी युद्ध की महत्ता पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि आज भाजपा सेना भी देश के स्वाभिमान की रक्षा में तत्पर है।


एमएलसी विजय बहादुर पाठक और डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह ने महाराणा प्रताप को वीरता, आत्मसम्मान और नेतृत्व के प्रतीक बताया। भाजपा नेता अखिलेश मिश्र गुड्डू ने कहा कि जल्द ही आजमगढ़ में महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।


मैक्सवेल हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. के. एन. पाण्डेय ने जनता सेवा हेतु सेना को एम्बुलेंस प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन डा. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी और अध्यक्षता एडवोकेट शत्रुध्न सिंह ने की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायक शैलेंद्र सिंह और उनकी टीम ने गीतों से सम्मेलन में ऊर्जा का संचार किया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह, विंग कमाण्डर कुमार राजीव रंजन, बिग्रेडियर डा. पीएन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, अच्युतानंद तिवारी, राणा सिंह, वीरभद्र प्रताप सिंह, संजय पांडेय, शिवेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, संध्या सिंह, अंजू सिंह, रेखा सिंह, प्रियंका, दिनेश खंडेलिया, पवन नाथ चौहान, हरिलाल यादव, प्रवीण सिंह, एमपी सिंह, अंशुमन राय, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, सीबी सिंह, प्रणय यादव, रामपलट विश्वकर्मा, संजीव सिंह, चंदन सिंह, कैप्टन देवानंद तिवारी, गुलाब राय, शीला सिंह, रीतु सिंह, दिनेश सिंह, अमलेश सिंह, दीनानाथ सिंह, मिथिलेश सिंह, विक्रम सिंह, भागवत तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।