आजमगढ़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत जिले में नो मैपिंग पाए गए मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। निर्वाचन कार्यालय द्वारा तैयार किए गए नोटिस तहसीलों के माध्यम से बीएलओ को भेजे जा रहे हैं, ताकि संबंधित मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज और विकल्प प्राप्त किए जा सकें।


मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1 लाख 58 हजार 627 मतदाता ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची के रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका है। इन नो मैपिंग मतदाताओं के लिए निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ओर से प्रिंटेड नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिन पर अधिकारी का नाम और स्थान अंकित रहेगा।


अब तक 1 लाख 39 हजार 500 नोटिस प्रिंट कर जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी तहसीलों को भेजे जा चुके हैं, जबकि शेष नोटिसों की छपाई जारी है। तहसीलों से ये नोटिस सभी बीएलओ को वितरित किए जाएंगे, जिसके बाद बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों के नो मैपिंग मतदाताओं को नोटिस सौंपेंगे।

नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के कार्यालय में उपस्थित होकर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 विकल्पों में से किसी एक विकल्प को प्रस्तुत करना होगा।


प्रिंटेड नोटिस के साथ-साथ बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। अब तक बीएलओ ऐप के जरिए 1 लाख 46 हजार 193 नोटिस डाउनलोड कर नो मैपिंग मतदाताओं को भेजे जा चुके हैं।


दस्तावेजों के संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता अपने स्वयं के दस्तावेज जमा करेंगे। इसके बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को माता-पिता में से किसी एक के दस्तावेज देने होंगे, जबकि दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को अपने माता-पिता के दस्तावेज भी अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे।


एसआईआर के तहत फोटो और नाम में त्रुटियों का सुधार भी किया जा रहा है। बीएलओ ऐप में जोड़े गए नए लिंक के माध्यम से फोटो अपडेट की सुविधा दी गई है, जिसमें 2025 या एसआईआर की फोटो चुनने के साथ नई फोटो अपलोड करने का विकल्प भी उपलब्ध है। नाम में सुधार के लिए फार्म-8, नाम जोड़ने के लिए फार्म-6 और नाम काटने के लिए फार्म-7 भरवाए जा रहे हैं।