
रिपोर्ट___SP त्रिपाठी
आजमगढ़ । जिले के समाज कल्याण अधिकारी और पटल सहायक ने समाज कल्याण विभाग में शासनादेश के विपरीत वेतन भुगतान किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। शासन द्वारा 10 शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाए जाने के बावजूद भुगतान किए जाने के मामले में डिप्टी डायरेक्टर समाज कल्याण की तहरीर पर नगर कोतवाली में जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 61(2) और 316(5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आपको बता दे कि शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने बीते 20 फरवरी को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया था कि समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया। आरोप था कि जिन सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां शासनादेश के विपरीत थीं और जिनके वेतन पर शासन स्तर से रोक लगाई जा चुकी थी, उन्हें भी विभागीय मिलीभगत से भुगतान कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की थी। इस समिति में जिला विकास अधिकारी और मुख्य कोषाधिकारी को भी शामिल किया गया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता समेत विभागीय अधिकारियों के बयान लिए गए और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई।
जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि कुछ सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां नियम विरुद्ध पाई गई थीं, जिसके चलते शासन ने उनके वेतन भुगतान पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर उन्हें वेतन जारी कर दिया गया। जांच में कुल 10 अध्यापकों को लगभग 51.46 लाख रुपये का अनियमित भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि इन मामलों से जुड़े कई प्रकरण पूर्व में उच्च न्यायालय में विचाराधीन रह चुके हैं। जिलाधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज की। इसके बाद डीडी समाज कल्याण ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं इस मामले में सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अधिकारी की तहरीर पर जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
