रिपोर्ट___अरुण यादव 

आजमगढ़। जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र स्थित फरिहा पुलिस चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक परमात्मा यादव के खिलाफ रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि उपनिरीक्षक ने एक पीड़ित से कार्रवाई के नाम पर ₹10 हजार की रिश्वत की मांग की थी। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच क्षेत्राधिकारी सदर (सीओ सदर) को सौंपी गई। जांच के दौरान पीड़ित के आरोपों और उपलब्ध तथ्यों को गंभीरता से लिया गया। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद पीड़ित की तहरीर के आधार पर निजामाबाद थाने में आरोपी उपनिरीक्षक परमात्मा यादव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बताया जा रहा है कि परमात्मा यादव पिछले करीब पांच वर्षों से फरिहा पुलिस चौकी पर तैनात थे। वह पहले सिपाही पद पर कार्यरत थे और बाद में पदोन्नति पाकर उपनिरीक्षक बने थे। लंबे समय से एक ही चौकी पर तैनाती को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं होती रही थीं। सूत्रों के मुताबिक एक दिन पूर्व ही उनका तबादला बिलरियागंज थाना क्षेत्र में किया गया था, लेकिन नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने से पहले ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ी तो कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं कुछ लोग इसे पुलिस विभाग की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में भी देख रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले में थाना प्रभारी निजामाबाद राकेश कुमार सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।