रिपोर्ट____SP त्रिपाठी

आजमगढ़। जिले में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (UPMIP) के तहत जनपद में किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य कम पानी में अधिक उत्पादन सुनिश्चित करना तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में जैन इरिगेशन सिस्टम के माध्यम से महराजगंज विकासखंड के ग्राम सभा खजियाबार एवं इटौरा दयाल में किसानों के खेतों पर मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम का सफल इंस्टॉलेशन किया गया। इस योजना का लाभ किसान विभव कुमार सिंह, मधुसूदन सिंह, रामहंस एवं राम नयन सिंह को मिला है। खेतों में आधुनिक सिंचाई प्रणाली स्थापित होने से अब सिंचाई कार्य अधिक आसान, प्रभावी और समय की बचत करने वाला बन गया है। मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम के जरिए फसलों पर वर्षा की तरह समान रूप से पानी का छिड़काव होता है। इससे पानी की बचत होने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी वृद्धि होती है। इसके अलावा खेतों की ऊंचाई-निचाई का प्रभाव कम पड़ता है और सिंचाई समान रूप से संभव हो पाती है।

इस अवसर पर जैन इरिगेशन सिस्टम के डीलर दुर्गेश सिंह ने बताया कि उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत संचालित इस योजना में किसानों को मिनी स्प्रिंकलर एवं ड्रिप इरीगेशन सिस्टम पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। किसान मात्र 10 प्रतिशत अंशदान देकर अपने खेतों में आधुनिक सिंचाई प्रणाली लगवा सकते हैं, जिससे लागत कम और उत्पादन अधिक होता है।

उन्होंने बताया कि जैन इरिगेशन सिस्टम कई वर्षों से सिंचाई क्षेत्र में कार्य कर रही है तथा भारत समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सेवाएं दे रही है। कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे उत्पाद उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ तकनीक पर आधारित हैं, जो किसानों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान जैन इरिगेशन सिस्टम के इंजीनियर मयंक श्रीवास्तव एवं दुर्गा प्रसाद सिंह ने किसानों को सिस्टम की कार्यप्रणाली, रखरखाव और उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं।

इस योजना के प्रभाव से किसानों में आधुनिक तकनीक अपनाने के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और वे पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों से हटकर वैज्ञानिक एवं जल संरक्षण आधारित खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। किसानों के लिए यह योजना आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।