रिपोर्ट____,अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के बनवीरपुर गांव में शौचालय योजना को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक दिव्यांग युवती को गलत तरीके से विवाहित दिखाकर योजना से अपात्र घोषित किए जाने की शिकायत जांच में सही पाई गई है। मामले में पंचायत सचिव की बड़ी लापरवाही उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।पीड़िता सुषमा सिंह ने बताया कि वह दिव्यांग हैं और अपने पिता की इकलौती संतान हैं। दिव्यांग होने के कारण उनकी शादी नहीं हुई है। उन्होंने शौचालय योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने उन्हें विवाहित दर्शाकर अपात्र घोषित कर दिया। आरोप है कि सचिव ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें विवेक सिंह की पत्नी बताया, जबकि विवेक सिंह उनके चचेरे भाई हैं। वहीं मामले की शिकायत डीएम से किए जाने के बाद बीडीओ मिर्जापुर के निर्देश पर जांच कराई गई। आठ मई को सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता), सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, शिकायतकर्ता सुषमा सिंह, विवेक सिंह और ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थलीय जांच की गई। जांच में सामने आया कि सुषमा सिंह अपने पैतृक घर में भाभी के साथ रहती हैं। उनके घर के पास स्वच्छ भारत मिशन फेस-2 के तहत निर्मित शौचालय भी मिला। अभिलेखों की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि शौचालय निर्माण के लिए पहली किश्त 13 मार्च 2024 को छह हजार रुपये और दूसरी किश्त 30 अगस्त 2024 को छह हजार रुपये उनके खाते में भेजी जा चुकी है। हालांकि अधिकारियों ने पाया कि पूर्व में सचिव द्वारा दी गई रिपोर्ट पूरी तरह भ्रामक और असत्य थी। ग्रामीणों और परिजनों ने भी स्पष्ट किया कि विवेक सिंह उनके चचेरे भाई हैं, पति नहीं। जांच अधिकारियों ने इस रिपोर्ट को निंदनीय मानते हुए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण मांगा है। बीडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। वहीं शुक्रवार को दिव्यांग सुषमा सिंह ने डीएम से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।