
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती एक मरीज के परिजनों ने वार्ड नंबर-19 के कर्मचारियों पर धन उगाही का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि भर्ती के दौरान उनसे प्रतिदिन 100 रुपये लिए गए और बिना पैसे दिए डिस्चार्ज संबंधी कागजात देने से भी इनकार किया गया।
अजमतगढ़ निवासी मनीता ने बताया कि उनके ससुर लालजी सोनकर (85) पिछले 17 दिनों से मंडलीय चिकित्सालय के वार्ड नंबर-19 में भर्ती थे। परिजनों का आरोप है कि वार्ड के कर्मचारियों ने इलाज के दौरान प्रतिदिन 100 रुपये की मांग की और 17 दिनों तक नियमित रूप से पैसे वसूले। उनका कहना है कि मरीज की छुट्टी के समय भी बिना पैसे दिए डिस्चार्ज का कागज नहीं दिया जा रहा था। मनीता ने पूरे मामले की शिकायत कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में इस तरह की वसूली गरीब मरीजों और उनके परिजनों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है। अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामला सामने आने के बाद मंडलीय चिकित्सालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरु कर दी है। वहीं इस पर मामले डा. सतीष कन्नौजिया,SIC ने कहा की महिला द्वारा जो भी आरोप लगाए गए हैं वो बिलकुल निराधार है। मैं स्वयं वार्डों का निरीक्षण करता हूं। पूरी दिन अस्पताल में बैठा रहता हूं। इस तरह की कोई शिकायत नहीं आती। महिला गलत आरोप लगा रही है।
