
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जेडी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी मनीष यादव के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर भाजपा नगर महामंत्री नीरज सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को शहर के एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने आयुक्त से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नीरज सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015-16 में हुई नियुक्तियों की प्रक्रिया में प्रथम, द्वितीय और तृतीय सूची जारी की गई थी। उनके मुताबिक प्रथम सूची में प्रक्रिया अपेक्षाकृत सही रही, जबकि द्वितीय और तृतीय सूची में कथित तौर पर चहेते अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने सत्यापन के दौरान दस्तावेजों में कथित फेरबदल किए जाने का भी आरोप लगाया।
शिकायत में संबंधित मदर बोर्ड की सूची गायब होने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही लिपिक के स्थानांतरण के बाद चार्ज के दौरान विधि चंद्र यादव को संबंधित फाइलें उपलब्ध नहीं कराए जाने का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे सरकारी अभिलेखों के रखरखाव और पारदर्शिता को लेकर गंभीर मामला बताया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जेडी की ओर से एफआईआर दर्ज कराए जाने के बावजूद संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए और बाद में मामले में एफआर लगा दी गई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर अभिलेखों की स्थिति और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।
इसके अलावा अग्रसेन महाविद्यालय में मनीष यादव की पत्नी की कथित नियुक्ति और संस्कृत विषय में कथित फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला भी शिकायत में उठाया गया है। शिकायतकर्ता ने इन आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है।
नीरज सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि आजमगढ़ में एक ही भवन में संचालित जेडी और डीडीआर कार्यालयों में स्थानांतरण के बावजूद संबंधित कर्मचारी करीब 25 वर्षों से जनपद में ही तैनात रहे हैं। उन्होंने लंबे समय से एक ही जनपद में तैनाती को भी जांच का विषय बताते हुए आयुक्त से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
भाजपा नगर महामंत्री ने कहा कि जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष मृगांक शेखर सिन्हा सहित पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
