
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र के लसड़ा कला गांव के सिवान में गुरुवार को धान के खेत में निराई कर रही महिलाओं पर आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में 40 वर्षीय नीतू देवी की मौत हो गई, जबकि छह महिलाएं झुलस गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मिली जानकारी के अनुसार लसड़ा कला गांव के सिवान में महिलाएं धान के खेत में निराई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से नीतू देवी पत्नी हरिकांत राम, अनीता देवी पत्नी संतोष, रेनू देवी पत्नी राजकुमार, राधिका देवी पत्नी शाहजू राम, सरिता पुत्री जगदीश, संजना पुत्री रामभुवन और गीता देवी पत्नी फूलचंद्र इसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद नीतू देवी, अनीता देवी और रेनू देवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुजा ले जाया गया। चिकित्सकों ने नीतू देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं गर्भवती अनीता देवी और रेनू देवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल जौनपुर रेफर कर दिया गया। वहीं राधिका देवी, सरिता, संजना और गीता देवी को 108 एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने चारों को भी जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
नीतू की मौत से परिवार में मचा कोहराम
नीतू देवी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि नीतू के तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अचानक हुए हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सूचना मिलने पर बरदह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
शैलेंद्र सिंह गुड्डू ने पहुंचकर जाना हाल
वहीं घटना की जानकारी मिलते ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व्यापार प्रकोष्ठ शैलेंद्र सिंह गुड्डू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों को सांत्वना दी और घायलों का हाल जाना। बेहतर उपचार के लिए उन्होंने संबंधित प्रभारी चिकित्सक से भी वार्ता की। वहीं आकाशीय बिजली की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतका के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था कराने की मांग की है।
