
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र में गुजरात में ऑडी कार दिलाने के नाम पर 26 लाख रुपये लेने और पूरी रकम वापस न करने के आरोप में रानी की सराय थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अंकित राय और धनंजय राय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3), 319(2) और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सएप पर दिखाई थी ऑडी क्यू-7 की तस्वीर
मेंहनगर थाना क्षेत्र निवासी अविनाश कुमार राय का गुजरात में लाइजनिंग एवं कांट्रैक्ट का कारोबार है। एफआईआर के मुताबिक, एक रिश्तेदार के माध्यम से उनकी मुलाकात रानी की सराय क्षेत्र स्थित अख्तर टायर की दुकान पर अंकित राय और धनंजय राय से हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, धनंजय राय गाड़ियों की ब्रोकरी और बिक्री का काम करता है। आरोप है कि वर्ष 2023 में दोनों ने व्हाट्सएप के माध्यम से ऑडी क्यू-7 कार की तस्वीर दिखाई। कार का नंबर GJ 01 RP0009 बताया गया और इसकी कीमत 27 लाख रुपये तय हुई। इसके बाद रानी की सराय स्थित अख्तर टायर की दुकान पर शिकायतकर्ता और उसके परिचितों के सामने कार दिखाई गई।
अलग-अलग खातों में भेजे 26 लाख रुपये
शिकायत के अनुसार, कार खरीदने के लिए शुरुआत में एक लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बाद 12 जुलाई 2023 से 28 जुलाई 2023 के बीच अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से कुल 26 लाख रुपये का भुगतान किया गया। एफआईआर में विभिन्न खातों में रकम ट्रांसफर किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
खराब हालत में कार पहुंची तो लेने से किया इनकार
एफआईआर के अनुसार, 21 अक्टूबर 2023 को अंकित राय ऑडी कार लेकर अख्तर टायर की दुकान पर पहुंचा। शिकायतकर्ता ने जब वाहन की जांच की तो उसका इंजन खराब हालत में मिला और उससे तेज आवाज आ रही थी। कार की हालत ठीक नहीं होने के कारण उसने वाहन लेने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इस पर अंकित राय ने शिकायतकर्ता को धमकी दी और कहा कि यदि कार नहीं ली तो उसे बर्बाद कर देगा। इसके बाद वह कार लेकर वहां से चला गया।
पांच चेक और दो लाख नकद देने का दावा
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद फरवरी 2024 में धनंजय राय की ओर से पांच-पांच लाख रुपये के पांच चेक और दो लाख रुपये नकद देने की बात कही गई। आरोप है कि चेक बाउंस होने के बाद अलग-अलग खाताधारकों के माध्यम से रकम का लेनदेन किया गया। एफआईआर के अनुसार, 13 फरवरी 2024 से 20 अप्रैल 2026 तक कुल 17 लाख 24 हजार 997 रुपये वापस किए गए, जबकि 9 लाख 75 हजार 3 रुपये अभी भी बकाया हैं।
बकाया रकम मांगने पर गोली मारने की धमकी का आरोप
वहीं पीड़ित का आरोप है कि बकाया रकम मांगने पर दोनों आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। फोन पर रकम मांगने पर कथित तौर पर एक आरोपी ने पैसा देने से इनकार करते हुए अधिक दबाव बनाने पर गोली मारकर जान से खत्म करने की धमकी दी। पीड़ित ने दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी कर रकम हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने मामले की सूचना पहले रानी की सराय थाने में दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर 18 जुलाई 2026 को रजिस्ट्री के माध्यम से पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र भेजा गया। इसके बाद न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय के आदेश के क्रम में 31 अगस्त 2026 को रानी की सराय थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना उपनिरीक्षक/निरीक्षक हैदर अली मंसूरी को सौंपी है। एफआईआर पर थाना प्रभारी विमल प्रकाश राय के हस्ताक्षर दर्ज हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
