
रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। न्यूयॉर्क में 18 वर्षीय भारतीय पैरा तैराक जिया राय ने खुले पानी में तैराकी की दुनिया में इतिहास रच दिया है। जिया राय अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में आयोजित “20 ब्रिजेस स्विम अराउंड मैनहट्टन” को एकल तैराक के रूप में सफलतापूर्वक पूरा करने वाली दुनिया की पहली महिला पैरा तैराक बन गई हैं। उन्होंने करीब 48 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण तैराकी को महज 8 घंटे 53 मिनट में पूरा किया।
जिया ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित किया। 30 अगस्त 2026 की सुबह उन्होंने न्यूयॉर्क के बैटरी पार्क सिटी से अपनी तैराकी शुरू की और दोपहर बाद सफलतापूर्वक इसे पूरा किया। उनकी उपलब्धि के बाद न्यूयॉर्क में भारत के उप महावाणिज्य दूत श्री विशाल जयेशभाई हर्ष ने उन्हें सम्मानित किया।
ओपन वॉटर स्विमिंग का ट्रिपल क्राउन पूरा
मैनहट्टन के आसपास 20 ब्रिजेस की तैराकी पूरी करने के साथ ही जिया राय ओपन वॉटर स्विमिंग का ट्रिपल क्राउन पूरा करने वाली दुनिया की पहली महिला पैरा तैराक बन गई हैं। उनके ट्रिपल क्राउन में तीन बेहद कठिन तैराकियां शामिल हैं—
इंग्लिश चैनल – 2024
कैटालिना चैनल – 2025
20 ब्रिजेस स्विम अराउंड मैनहट्टन – 2026
इन तीनों तैराकियों को पूरा करना दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित ओपन वॉटर स्विमिंग मील के पत्थरों में माना जाता है।
बेहद चुनौतीपूर्ण है मैनहट्टन के 20 ब्रिजेस की तैराकी
मैनहट्टन के आसपास 20 ब्रिजेस स्विम को दुनिया की कठिनतम खुले पानी की तैराकियों में गिना जाता है। तैराकों को शक्तिशाली ज्वारीय धाराओं, बदलते मौसम और करीब 20 डिग्री सेल्सियस पानी में तैरना पड़ता है। इसके अलावा मार्ग में भारी नाव यातायात और लगातार बदलती धाराएं नेविगेशन को और चुनौतीपूर्ण बना देती हैं।
न्यूयॉर्क ओपन वॉटर स्विमिंग एसोसिएशन के नियमों के तहत तैराक को पानी से बाहर निकलने या एस्कॉर्ट बोट अथवा साथ चल रहे किसी व्यक्ति को छूने की अनुमति नहीं होती। भोजन और पेय भी तैराक को पानी में रहते हुए केवल फीडिंग पोल के माध्यम से दिया जाता है।
उपलब्धियों से भरा है जिया का सफर
जिया राय ने इससे पहले भी खुले पानी में तैराकी में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने पाल्क स्ट्रेट (2022), इंग्लिश चैनल (2024) और कैटालिना चैनल (2025) में रिकॉर्ड बनाने वाली एकल तैराकियां पूरी की हैं। वह ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित दुनिया की पहली लड़की हैं, जिसने अकेले तैरकर इंग्लिश चैनल पार किया।
गैर-मौखिक होने और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझने के बावजूद जिया ने कठोर प्रशिक्षण, असाधारण इच्छाशक्ति और अपने माता-पिता के निरंतर समर्थन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें WOWSA अवार्ड 2024, विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार 2023 और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
जिया की यह उपलब्धि न केवल भारतीय खेल जगत के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और परिवार के सहयोग से शारीरिक एवं सामाजिक चुनौतियों को पीछे छोड़कर असाधारण मुकाम हासिल किया जा सकता है।
