Deprecated: Function seems_utf8 is deprecated since version 6.9.0! Use wp_is_valid_utf8() instead. in /home/u168449896/domains/news8pm.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

Deprecated: Function seems_utf8 is deprecated since version 6.9.0! Use wp_is_valid_utf8() instead. in /home/u168449896/domains/news8pm.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

Deprecated: Function seems_utf8 is deprecated since version 6.9.0! Use wp_is_valid_utf8() instead. in /home/u168449896/domains/news8pm.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

रिपोर्ट:अरुण यादव/दीपक चौरसिया

आज़मगढ़। प्यार अगर इजाजत लेकर किया जाए तो शायद इसे प्यार न कहा जाए… लेकिन अगर बिना इजाजत हो तो इसका अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी एक दर्दनाक मिसाल सामने आई है।  आजमगढ़ जिले के एक युवक को प्यार करने की ऐसी सजा मिली, जिसे सुनकर रूह कांप जाए। अंबेडकर नगर में उसकी प्रेमिका के परिजनों ने उसे मारनेपीटने के बाद  जिंदा जला दिया।

आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भवानीपट्टी गांव का रहने वाला आकाश दुबे  परिवार के साथ मुंबई में रहता था। उसका ननिहाल अंबेडकरनगर जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के उदयापुर गांव में था।इसी दौरान आकाश का प्रेम संबंध ननिहाल के बगल के गांव नेवादा कलां की  एक युवती से हो गया। बताया जा रहा है कि 5 मार्च 2025 को आकाश मुंबई से फ्लाइट पड़कर आजमगढ़ पहुंचा, लेकिन इसके बाद वह लापता हो गया।

9 मार्च 2025 को परिजनों को सूचना मिली कि आकाश दुबे पेट्रोल से जली अवस्था में प्रेमिका  के दरवाजे पर पड़ा हुआ है।स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल आकाश को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। लेकिन हालत गंभीर होने के चलते उसे लखनऊ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया, जहां 14 मार्च को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मरने से पहले आकाश ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दर्ज कराया।

आकाश के परिजनों की तहरीर पर अम्बेडकर नगर के जैतपुर थाने में प्रेमिका, उसके पिता व भाई के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया  है। आकाश की मौत के बाद उसके परिजनों में कोहराम मचा है।  मां-बाप अपने बेटे के हत्यारों के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है।

मृतक आकाश अपने पिता के साथ मुंबई में कारोबार संभालता था। वह अपने परिवार का सहारा था, लेकिन अब उसका परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है।