रिपोर्ट_______अरुण यादव 

आजमगढ़। मंडलीय जिला चिकित्सालय में एक फ्रैक्चर के मरीज को समय पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर न मिलने का आरोप सामने आया है। मरीज का कहना है कि पैर में गंभीर चोट होने के बावजूद वह करीब आधे से एक घंटे तक अस्पताल परिसर में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए भटकता रहा। इसी दौरान चक्कर आने से वह जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी राम विजय करीब 20 दिन पहले काम करते समय गिर गए थे। इस हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद मंडलीय जिला चिकित्सालय में उनके पैर का ऑपरेशन किया गया था।

सोमवार को राम विजय अपने पैर में लगे टांके कटवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए कर्मचारियों से कई बार अनुरोध किया, लेकिन उन्हें कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। पैर में चोट होने के कारण चलने में परेशानी के बावजूद वह काफी देर तक इधर-उधर भटकते रहे।

बताया गया कि इंतजार के दौरान राम विजय को चक्कर आ गया और वह अस्पताल परिसर में जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। मरीज के गिरने की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

वहीं इस घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने मंडलीय जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जिला स्तर के बड़े अस्पताल में गंभीर और दिव्यांग मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसी मरीज को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि मरीजों की सुविधा के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।