रिपोर्ट_______अरुण यादव

आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पवई थाना क्षेत्र में दादा और चचेरे भाई की निर्मम हत्या के मामले में फरार चल रहे ₹50 हजार के इनामी आरोपी को पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेजा गया।

पुलिस के अनुसार, 9/10 जुलाई 2026 की रात पवई थाना क्षेत्र के ग्राम हेवती में पैतृक संपत्ति के विवाद को लेकर संतोष यादव ने अपने सगे दादा जगदम्बा प्रसाद और चचेरे भाई श्रीवांशु यादव उर्फ अंकित की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने ₹50,000 का इनाम घोषित किया था।

21 जुलाई को थानाध्यक्ष मनीष पाल पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मोटरसाइकिल से हेवती की ओर आने वाला है। पुलिस ने रसूलाबाद मोड़ पर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन बारिश के कारण उसकी मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। इसके बाद उसने पुलिस टीम पर अवैध तमंचे से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने पैतृक जमीन के बंटवारे और आर्थिक विवाद के चलते दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, पुलिस पर फायरिंग और आयुध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।