आजमगढ़। जिला पंचायत में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। भाजपा नेता ने प्रेसवार्ता कर जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच के बाद कई अधिकारियों को दोषी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है।
भाजपा के लालगंज के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने मंगलवार को सिविल लाइन स्थित कार्यालय में प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2023–24 में जिला पंचायत द्वारा जारी टेंडरों में पहले से पूर्ण हो चुके कार्यों को दोबारा दर्शाकर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।
मामले की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह और मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव के नेतृत्व में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति ने आठ कार्यों की जांच की, जिसमें सात कार्य पहले से कराए जा चुके पाए गए। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई, जिसे बाद में शासन को भेजा गया।
इसके पश्चात एमएलसी एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता ने पंचायती राज समिति, विधान परिषद उत्तर प्रदेश में अपील की। लंबी प्रक्रिया के बाद जांच में जिला पंचायत आजमगढ़ के कई अधिकारियों को दोषी पाया गया।
जांच के आधार पर अपर मुख्य अधिकारी विद्या शंकर पाण्डेय, प्रभारी अभियंता रविंद्र यादव और अवर अभियंता गणेश पाल को निलंबित कर दिया गया।
बताया गया कि दो वर्ष पूर्व के टेंडरों में कराई गई जांच के दौरान सात सड़कें पहले से निर्मित पाई गईं। लगभग 1 करोड़ 27 लाख 78 हजार रुपये के कार्यों में गंभीर अनियमितता सामने आई है।
प्रेसवार्ता में भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष भी इस भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और यह सब सपा के संरक्षण में हुआ। उन्होंने कहा कि यह मामला प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार मुक्त शासन नीति के खिलाफ है। उन्होंने शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
