
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रविवार को मंडलीय जिला चिकित्सालय, आजमगढ़ में नवनिर्मित 10 बेड युक्त ब्लड कलेक्शन रूम (रक्तदाता भवन) का शुभारंभ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने किया। इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर केवल एक रक्तदाता ही किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि विश्व रक्तदाता दिवस उन सभी निःस्वार्थ रक्तदाताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो बिना किसी स्वार्थ के लोगों की जान बचाने का कार्य करते हैं। रक्तदान न केवल जीवन बचाने का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनशीलता का भी प्रतीक है।कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्वैच्छिक रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में जागरूकता बढ़ाने और रक्तदान को जनआंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस वर्ष विश्व रक्तदाता दिवस की थीम “मानवता की एक बूंद, रक्तदान करें-जीवन बचाएं” रही। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को नियमित और सुरक्षित रक्तदान के लिए प्रेरित किया। चिकित्सकों ने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है और इससे अनेक मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, एसआईसी डॉ. सतीश चंद्र कनौजिया, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अनिल कुमार, टेक्निकल सुपरवाइजर सुभाष पांडेय सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, स्वैच्छिक रक्तदाता, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
