
रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के एक निजी हॉस्पिटल में शुक्रवार को एक महिला की मृत्यु हो गई। पति ओमकार मौर्य ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने गलत रक्त चढ़ाने के कारण पत्नी की मृत्यु होने का दावा किया है।
ओमकार मौर्य ने थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को उनकी पत्नी करिश्मा मौर्य को प्रसव पीड़ा हुई थी। उन्हें शहनाज मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। 16 जुलाई को डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद करिश्मा ने एक बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों ने तत्काल खून चढ़ाने की आवश्यकता बताई। ओमकार का ब्लड ग्रुप ए पाजीटिव था, जो उनकी पत्नी से मेल खाता था। उन्होंने अपना रक्त देने की बात कही, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया। इसके बाद ओमकार ने 8,000 रुपये देकर बाहर से रक्त की व्यवस्था की।
16 जुलाई की शाम लगभग 8 बजे करिश्मा को रक्त चढ़ाया जाने लगा। अगले दिन 17 जुलाई की सुबह ओमकार अस्पताल पहुंचे। उन्होंने देखा कि रक्त अभी भी चढ़ रहा था। डॉक्टरों ने रक्त धीरे-धीरे चढ़ने देने को कहा। कुछ समय बाद करिश्मा की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनका रक्तचाप काफी कम हो गया। डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाए, पर हालत में सुधार नहीं हुआ।
बाहर से आए एक डॉक्टर ने जांच कर बताया कि करिश्मा को गलत रक्त चढ़ाया गया है। ओमकार ने डॉक्टरों को आपस में यह कहते सुना कि सही रक्त न होने पर नहीं चढ़ाना चाहिए था। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना समुचित उपचार के करिश्मा को एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल भेज दिया। एंबुलेंस अस्पताल से करीब 500 मीटर आगे बढ़ी थी। तभी करिश्मा के मुंह से झाग और खून निकलने लगा। अस्पताल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर ही करिश्मा मौर्य की मृत्यु हो गई। ओमकार मौर्य ने निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
