रिपोर्ट______अरुण यादव

आजमगढ़। जनपद के पवई थाना क्षेत्र में महिला पर जानलेवा हमला करने वाले वांछित आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित फायरिंग में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार 16 जुलाई 2026 को पवई कस्बे में एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी सुजीत मौर्य (33 वर्ष) महिला को एकतरफा पसंद करता था और लंबे समय से उसका पीछा कर रहा था। घटना वाली रात महिला मोबाइल पर बात करते हुए घर के अंदर गई, तभी आरोपी चोरी-छिपे उसके पीछे घर में घुस गया और घर के अंदर छिप गया। महिला के शोर मचाने पर आरोपी ने धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर दो वार और हाथ पर एक वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया तथा मौके से फरार हो गया।

घटना के संबंध में थाना पवई पर आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 176/2026 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में 17/18 जुलाई की रात पवई पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग और वांछित अभियुक्त की तलाश कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है और फरार होने की फिराक में है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही आरोपी ने खुद को घिरा पाकर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी दोबारा तमंचा लोड करने लगा। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने महिला पर जानलेवा हमला करने की घटना स्वीकार करते हुए बताया कि वह घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए आसपास के क्षेत्रों में छिपा हुआ था और मौका मिलते ही भागने की योजना बना रहा था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध .315 बोर देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा 220 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस टीम पर फायरिंग और अवैध शस्त्र रखने के मामले में आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 177/2026 के तहत बीएनएस और आयुध अधिनियम की धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल का फील्ड यूनिट द्वारा निरीक्षण कराया गया, वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए तथा सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई। घायल आरोपी का उपचार जारी है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।