रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र के कोदहरा गांव में मिट्टी खनन के दौरान कथित रूप से सोने की एक हसुली मिलने के बाद हिस्सेदारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला तब सामने आया जब हसुली मिलने की जानकारी अन्य लोगों तक पहुंची और हिस्से को लेकर असहमति बढ़ गई। शिकायत के बाद पुलिस ने एक सुनार समेत पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में हसुली का एक हिस्सा बरामद किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मिली जानकारी के अनुसार करीब पांच दिन पहले कोदहरा गांव के सिवान में मिट्टी खनन का कार्य चल रहा था। इसी दौरान जमीन से गले में पहनी जाने वाली एक हसुली मिलने की बात सामने आई। स्थानीय स्तर पर जांच कराने पर इसके सोने का होने की चर्चा हुई। इसके बाद ट्रैक्टर चलाना सीख रहे अमित बिंद पुत्र आत्मा बिंद निवासी बरौना पट्टी तथा ट्रैक्टर चालक लालचंद गौतम निवासी कोदहरा ने कथित रूप से हसुली को अपने कब्जे में लेकर आपस में बांट लेने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि लालचंद ने हसुली का एक छोटा टुकड़ा बरौना के सुनार संजय सोनी को बेच दिया, जिसके बदले उसे 14 हजार रुपये मिले। वहीं अमित के पिता आत्मा बिंद ने अपने हिस्से को कथित रूप से अपने भाई मिठाई बिंद निवासी सरायख्वाजा (जौनपुर) के पास सुरक्षित रखने के लिए भेज दिया। वहीं मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अन्य ट्रैक्टर चालक मखनचू को इसकी जानकारी मिली। उसने खेत मालिक बबलू खान को पूरी घटना बताई। इसके बाद बबलू खान और मखनचू ने बरदह थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने लालचंद से हसुली का एक टुकड़ा बरामद करने का दावा किया है। साथ ही अमित, उसके पिता आत्मा बिंद, उसके भाई सूरज, सुनार संजय सोनी और लालचंद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। वहीं एक पुलिस टीम जौनपुर के सरायख्वाजा क्षेत्र में मिठाई बिंद की तलाश में भेजी गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बरामद हसुली की कीमत मौजूदा बाजार दर के हिसाब से करीब 40 से 45 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि पुलिस ने इसकी वास्तविक कीमत, शुद्धता और ऐतिहासिक महत्व को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। वहीं पुलिस का कहना है कि बरामद वस्तु की सत्यता की जांच कराई जा रही है। साथ ही उसके स्वामित्व और कानूनी स्थिति को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।