रिपोर्ट___अरुण यादव 

आजमगढ़। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिर ठेकमा क्षेत्र में बदहाली का शिकार हो गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा के अंतर्गत आने वाले शीश्रेडी, भीरा और सहनूडीह समेत कई गांवों में स्थापित आयुष्मान आरोग्य मंदिर महीनों से बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्रों पर तैनात डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी लंबे समय से अनुपस्थित हैं। जब मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं तो केंद्रों पर ताला लटका मिलता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मंशा ग्रामीणों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की है, लेकिन जिम्मेदार कर्मचारियों की उदासीनता से योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आजमगढ़ से मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा बंद पड़े आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को तत्काल संचालित कराने की मांग की है।