रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना की तरह समाजवादी पार्टी में भी बड़ी राजनीतिक टूट होना तय है। वहीं राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के कई सांसद भाजपा के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखी गई कथित चिट्ठी के बाद सपा नेतृत्व में बेचैनी बढ़ गई है। साथ ही उन्होंने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई का डर भी सपा नेताओं को परेशान कर रहा है। लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन पर कटाक्ष करते हुए राजभर ने कहा कि ब्राह्मण समाज देश का सबसे विद्वान समाज माना जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अब अहीर ब्राह्मण को समझाएगा क्या?” उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में विभिन्न वर्गों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं किया जाता तथा उन्हें अपमानित किया जाता है। राम मंदिर निर्माण में चंदे के कथित घोटाले को लेकर सपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि जांच में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों की भूमिका भी चर्चा में है। उन्होंने सवाल उठाया कि अधिकांश विवादों में सपा से जुड़े नाम क्यों सामने आते हैं।कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपराधियों को संरक्षण देने की राजनीति करती रही है। उन्होंने मऊ, बाराबंकी और प्रयागराज की घटनाओं का हवाला देते हुए दावा किया कि अपराध और राजनीति का गठजोड़ सपा शासन की पहचान रहा है। वहीं हाल ही में दिए गए अपने ‘गढ़ को गड़ही बना देंगे’ बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनका आशय समाजवादी पार्टी के राजनीतिक किले को ध्वस्त करने से था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्वांचल में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।अखिलेश यादव द्वारा उन पर भाजपा के लिए पैरवी करने के आरोपों को खारिज करते हुए राजभर ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव के समर्थन में भीषण गर्मी में प्रचार किया था, जबकि उनकी राजनीतिक ताकत को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्मान न मिलने और लगातार उपेक्षा के कारण उन्होंने अलग राजनीतिक राह चुनी। वहीं पत्रकार वार्ता के दौरान राजभर ने दावा किया कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आएगा और प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।