
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। नगर के हर्रा की चुंगी क्षेत्र में संचालित आरटीओ कार्यालय अब गंभीरवन में बनी खुद की बिल्डिंग में शिफ्ट हो गया है। कार्यालय शिफ्ट होने के बाद यहां लोगों की भीड़ जुटने लगी है। लाइसेंस के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इसका फायदा उठाकर लोगों से वसूली भी हो रही है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रतिदिन 120 का स्लाट बुक होता है। जहां लोगों की फोटो खींची जाती है वहां बिना 50 रुपये दिए फोटो नहीं खींचा जा रहा है। आरटीओ कार्यालय में वैसे तो सारा काम विभाग खुद देखता है लेकिन लाइसेंस पर लगने वाले फोटो को खींचने के लिए प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया गया है। उक्त कंपनी के कर्मचारी आरटीओ आफिस के गेट पर ही एक कमरा बना है उस कमरे में बैठकर लोगों की फोटो खींचने का काम करते हैं। शुक्रवार को फोटो खिंचवाने के लिए लोगों की भींड़ लगी हुई थी। कर्मचारी अपना काम करने में मशगूल थे। फोटो खींचने के बाद वह लोगों से 50 रुपये तक की वसूली कर रहे थे। इस प्रकार देखा जाए तो यहां प्रतिदिन लोगों से 6000 रुपये की वसूली की जाती है। एक व्यक्ति ने जब कहा कि उसने फीस जमा कर दिया है तो फिर किस बात का पैसा यहां लग रहा है तो उसे बताया गया कि आपने फीस जमा की है। यहां फोटो खिंचवाने का पैसा लगता है। इसे देना ही पड़ेगा। मजबूरी में उक्त व्यक्ति ने भी भी 50 रुपये दिए और फोटो खिंचवाकर चलता बना।
सीसीटीवी कैमरा लगा फिर भी नहीं आ रहे बाज
उक्त कमरे के एक कोने में एक सीसीटीवी कैमरे के साथ उसका डीवीआर भी लगा हुआ है। इसके बाद भी कर्मचारी लोगों से पैसे मांगने से बाज नहीं आ रहे हैं। वह सबके सामने पैसा लेकर अपनी जेबों में रखते हुए नजर आए।
ट्रैक पर जा रहे लोगों को लगाई फटकार बोला साहब देख रहे हैं
इस दौरान जब दो लोग टेस्टिंग ड्राइव ट्रैक को देखने के लिए ट्रैक पर पहुंच गए तभी एक व्यक्ति ने उन्हें कड़कदार आवाज में रोका कहां जा रहे हैं, वापस आइए। हर तरफ सीसीटीवी लगा है और साहब बैठे देख रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जब साहब टेस्टिंग ड्राइव ट्रैक पर नजर रखे हैं तो उन्हें अपने परिसर में हो रही यह वसूली दिखाई क्यों नहीं देती है।
वहीं इस पूरे मामले पर ARTO विष्णुदत्त मिश्रा का कहना है कि लाइसेंस की फीस जमा होने के बाद और कोई शुल्क कहीं नहीं लगता है। फोटो के लिए पैसा लग रहा है हमें इसकी जानकारी नहीं है। वह लोग कंपनी के आदमी हैं। फिर भी हम पता करते हैं, अगर ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी। हम वहां भी सीसीटीवी लगवाएंगे।
