आज़मगढ़। पल्हना ब्लॉक प्रमुख पर लगे आरोपों को लेकर रविवार को भाजपा लालगंज के पूर्व अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव, ब्लॉक प्रमुख पल्हना अनुराग सिंह सोनू, मण्डल अध्यक्ष विक्रांत सिंह, पीड़ित लड़की व उसके भाई ने संयुक्त प्रेस वार्ता सिविल लाइन्स स्थित कैंप कार्यालय में की।
पूर्व जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने एक दिन पूर्व हमारे ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ प्रेसवार्ता कर उन्हें आरोपी बताकर गिरफ्तारी की मांग की, जबकि सच्चाई यह है कि ब्लॉक की ही निवासी एक लड़की ने विकास यादव नामक युवक पर शादी का झांसा देकर दो वर्ष तक शारीरिक शोषण करने और बाद में छोड़कर भाग जाने का मुकदमा दर्ज कराया। इस पूरे प्रकरण में ब्लॉक प्रमुख और मंडल अध्यक्ष ने पीड़िता का सहयोग किया। इसी से नाराज़ होकर आरोपी विकास यादव व विवेकानंद यादव 20 अगस्त की रात शराब के नशे में ब्लॉक प्रमुख सोनू सिंह के घर पहुंचे और ड्राइवर से मारपीट करते हुए अंदर घुसकर हमला करने का प्रयास किया। ब्लॉक प्रमुख ने तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी और दोनों आरोपियों को पुलिस ने इर्टिगा गाड़ी समेत मौके से पकड़ा।
उन्होंने कहा कि निंदनीय यह है कि गंभीर धाराओं में वांछित विकास यादव, जिसने एक पिछड़े समाज की लड़की के साथ गलत कार्य किया, उसे सपा जिलाध्यक्ष ने अपने साथ बैठाकर प्रेसवार्ता की। क्या सपा के लिए पीडीए का अर्थ सिर्फ यादव तक सीमित है?
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि विकास यादव लगभग तीन वर्ष से उसका शोषण कर रहा था। वर्ष 2022 में वाराणसी स्थित मंदिर में शादी का झांसा देकर उसे मुंबई ले गया, छह माह तक रखा और फिर भाग गया। इसके बाद बहलाकर पुनः अपने साथ रखा और संबंध बनाता रहा। इसी बीच लड़की को पता चला कि विकास ने दूसरी शादी कर ली है। विरोध करने पर मारपीट करता था। 19 अगस्त को आरोपी विकास यादव व सोनू यादव उसे जबरन मोटरसाइकिल से सुनसान जगह ले गए और जान से मारने की कोशिश की। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने बचाया और पुलिस को बुलाया, लेकिन दोनों आरोपी भाग निकले।
पीड़िता ने बताया कि 19 व 20 अगस्त को दिए गए तहरीर के बावजूद थाना मेहनाजपुर में मुकदमा 22 अगस्त को दर्ज हुआ। वहीं उसी रात 20 अगस्त को आरोपी विकास यादव व विवेकानंद यादव ब्लॉक प्रमुख के घर पहुंचे और मारपीट की। प्रमुख ने दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। इस मामले में प्रमुख के ड्राइवर घनश्याम यादव ने भी तहरीर दी। बावजूद इसके प्रशासन ने विलंब किया और 22 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि चालाकी से उसकी FIR से विवेकानंद यादव का नाम दबाव बनाकर हटवा दिया गया और उल्टा ब्लॉक प्रमुख सहित सात लोगों पर मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष ने आरोपियों को संरक्षण देते हुए प्रेसवार्ता की और ब्लॉक प्रमुख की गिरफ्तारी की मांग की, जो बेहद निंदनीय है।
