आज़मगढ़।  प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर 7 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। शनिवार को कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि अब इस दिन राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, शिक्षण संस्थान और विभाग पूरी तरह बंद रहेंगे।

पहले 17 दिसम्बर 2024 को घोषित वर्ष 2025 की अवकाश सूची में महर्षि वाल्मीकि जयंती को निबंधित अवकाश (Restricted Holiday) की श्रेणी में रखा गया था। लेकिन अब इसे सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) बना दिया गया है। हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश Negotiable Instruments Act 1881 के अंतर्गत नहीं आएगा। इसका अर्थ है कि यह अवकाश बैंकों और वित्तीय संस्थानों में स्वतः लागू नहीं होगा, इसके लिए केंद्र सरकार को अलग से अधिसूचना जारी करनी होगी।

रामायण की रचना करने वाले महर्षि वाल्मीकि आदि कवि के रूप में विख्यात हैं। उनकी जयंती हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस वर्ष यह तिथि 7 अक्टूबर को पड़ रही है। उत्तर प्रदेश में वाल्मीकि समुदाय की बड़ी आबादी है, ऐसे में यह अवकाश उनके लिए विशेष महत्व रखता है। समाज के लोग इस दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी इस निर्णय को अहम माना जा रहा है। हाल ही में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से समाज को एकता और सद्भाव का संदेश दिया। उनकी जयंती पर हमें उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। सरकार का यह कदम सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।