आज़मगढ़। जिले के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय (एमएसडीयू) में रोवर्स–रेन्जर्स का प्रथम पाँच दिवसीय प्रवेश-जांच शिविर शनिवार को उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। 2 दिसंबर से 6 दिसंबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर का संचालन कुलपति प्रो. संजीव कुमार के मार्गदर्शन एवं डॉ. शफ़ीउज्ज़मा के निर्देशन में हुआ। कुलपति ने शुक्रवार को प्रशिक्षण मॉड्यूल का निरीक्षण करते हुए प्रतिभागियों के अनुशासन, समर्पण और कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन, क्षमता और समाजसेवा की भावना विकसित करना है।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि समापन सत्र में कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने प्रतिभागियों के अनुशासन और दक्षता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं के शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं सामाजिक विकास में अत्यंत उपयोगी है।
लीडर ऑफ द कोर्स डॉ. शफ़ीउज्ज़मा ने बताया कि पाँच दिवसीय स्काउट-गाइड आधारित शिविर में युवाओं को शारीरिक, मानसिक, तकनीकी और सामाजिक कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने मार्च पास्ट, ड्रिल, फिटनेस एक्सरसाइज के साथ टीमवर्क और नेतृत्व भूमिकाओं का अभ्यास किया। तंबू लगाना, बांस-रस्सियों से ढाँचा बनाना, पुल व खाट निर्माण, तथा बोलाइन, शीट बेंड, क्लो हिच, फिशरमैन नॉट व स्क्वायर नॉट जैसी महत्वपूर्ण गाँठें सिखाई गईं। प्राथमिक उपचार, दुर्घटना सहायता और भूकंप, आग, बाढ़ जैसी आपदाओं में बचाव तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया। ध्वज शिष्टाचार, प्रतिज्ञा, अनुशासन आधारित गतिविधियाँ और आउटडोर कुकिंग प्रतिभागियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं।
शिविर संचालन में डॉ. हिमांशु शेखर, डॉ. मनीषा, डॉ. दीक्षा, शांभवी, डॉ. अभय की टीम सक्रिय रही। सहायक लीडर ट्रेनर मो. सादिक और कोअकबर आज़मी का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
क्रीड़ा सचिव प्रो. प्रशांत राय और आगंतुक सूर्य प्रकाश अग्रहरि ने युवाओं में अनुशासन और नेतृत्व को भविष्य निर्माण की नींव बताया।
डॉ. शफ़ीउज्ज़मा ने शिविर की सफलता का श्रेय कुलपति व विश्वविद्यालय परिवार को दिया।
