
रिपोर्ट_____आशीष कुमार निषाद
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया थाने की एक मानवीय पहल ने टूटते हुए परिवार को फिर से जोड़ दिया। पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशीलता से पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो गया और दोनों ने दोबारा साथ रहने का फैसला किया। इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय थाना क्षेत्र की निवासी सीमा राजभर पत्नी राजू राजभर ने अतरौलिया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति उसे खर्चा नहीं देता, मारपीट करता है और आए दिन गाली-गलौज करता है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते 10 मार्च को पति ने उसे घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह अपने मायके ग्राम करमहां डिगूरपुर थाना महाराजगंज में रह रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने तत्काल संज्ञान लिया और हेड कांस्टेबल मनोज यादव को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। रविवार को थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे और उपनिरीक्षक पवन शुक्ला के नेतृत्व में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया, जहां पुलिस टीम ने बेहद धैर्य और आत्मीयता के साथ दोनों की बात सुनी और समझौते का प्रयास किया।
पुलिस की काउंसलिंग का असर यह हुआ कि पति-पत्नी ने पुरानी कड़वाहट भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। समझौते के बाद थाने में भावुक माहौल बन गया। दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर साथ निभाने और भविष्य में विवाद न करने का संकल्प लिया। वहीं पीड़िता के भाई पिंटू राजभर ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे के प्रयासों से ही दोनों पक्षों में समझौता संभव हो सका। इसके बाद थाना अध्यक्ष ने पति-पत्नी को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद दिया और ससम्मान विदा किया। वहीं इस मौके पर थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने कहा कि पारिवारिक विवादों को केवल कानूनी नजरिए से नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान मुकदमा या अलगाव नहीं होता, बल्कि आपसी समझ, धैर्य और सम्मान से बड़े विवाद भी सुलझाए जा सकते हैं। अतरौलिया पुलिस की इस पहल ने समाज में खाकी के प्रति भरोसे को और मजबूत करने का काम किया है।
