रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के रौनापार थाना पुलिस ने मानव तस्करी और नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त से जुड़े चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रही वांछित महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्ता को सोमवार सुबह सपहा पाठक तिराहा, चिलबिली रोड से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला 12 अक्टूबर 2024 का है। रौनापार थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बहन को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर थाना रौनापार में मुकदमा संख्या 395/2024 धारा 137(2) एवं 87 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सीय परीक्षण और आयु संबंधी अभिलेखों के आधार पर मामले में धारा 61(2), 98, 99, 70(1) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 भी बढ़ाई गई। जांच में सामने आया कि नाबालिग लड़की को राजस्थान ले जाकर बेचने की साजिश में कई लोग शामिल थे। इस दौरान अभियुक्त अनिल यादव, पुष्पा, श्रीमती देवी तथा पीड़िता के एक अज्ञात खरीदार का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने इससे पहले मुख्य अभियुक्त सुनील यादव और अनिल यादव को 3 दिसंबर 2024 तथा अभियुक्ता श्रीमती देवी को 5 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि सह-अभियुक्ता पुष्पा फरार चल रही थी, जिसकी तलाश लगातार की जा रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष रौनापार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे सपहा पाठक तिराहा, चिलबिली रोड से वांछित अभियुक्ता पुष्पा (35 वर्ष) निवासी ग्राम नकीब खोजौली, थाना रौनापार (हाल पता- ग्राम खिलेरिया, थाना सरदारशहर, जिला चूरू, राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नियमानुसार अभियुक्ता के परिजनों को सूचना दी और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आजमगढ़ पुलिस ने कहा है कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध, मानव तस्करी तथा महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।