रिपोर्ट____SP त्रिपाठी

आजमगढ़। जनपद की निजामाबाद थाना पुलिस ने सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी और कूटरचना के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मलेशियाई नागरिक बन चुके आरोपी की ₹2,33,465 की अवैध धनराशि न्यायालय के आदेश पर जब्त करा दी है। यह राशि विभिन्न सरकारी योजनाओं से फर्जी तरीके से प्राप्त की गई थी, जिसे अब संबंधित सरकारी योजनाओं के राजकोष में जमा कराया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध एवं आर्थिक अनियमितताओं के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, मो. कुद्दूस उर्फ कुद्दूस पुत्र अलीरजा, निवासी ग्राम सुराई, थाना निजामाबाद, मलेशिया की नागरिकता और पासपोर्ट प्राप्त करने के बावजूद भारत में स्वयं को भारतीय नागरिक दर्शाकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराए हुए था तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहा था। वहीं इस संबंध में थाना निजामाबाद पर मु.अ.सं. 71/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी को 25 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था।

फर्जी दस्तावेजों के सहारे लिया सरकारी योजनाओं का लाभ

विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष समेत कई सरकारी योजनाओं से आर्थिक लाभ प्राप्त किया। जांच में उसके बैंक खाते में मौजूद ₹2,33,465 की धनराशि अपराध से अर्जित संपत्ति पाए जाने पर पुलिस ने खाते को फ्रीज कर दिया।

कोर्ट ने दिए जब्ती के आदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी सदर की संस्तुति के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-10, आजमगढ़ के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने 24 जून 2026 को धारा 107(2) बीएनएसएस के तहत उक्त धनराशि के अधिग्रहण (जब्तीकरण) का आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार यह राशि संबंधित सरकारी योजनाओं के राजकोष में जमा कराई जाएगी।

इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा

आरोपी के विरुद्ध थाना निजामाबाद में मु.अ.सं. 71/2026 के तहत धारा 318(4), 319, 335, 336(3), 338 एवं 340 बीएनएस में मुकदमा दर्ज है।

कार्रवाई करने वाली टीम

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी रशीदगंज उपनिरीक्षक राज नारायण पाण्डेय एवं अभियोजन अधिकारी नवनीत त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी, कूटरचना और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध आगे भी कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।