
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों तथा परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के 14 परीक्षा केंद्रों पर 2 और 3 जुलाई को दो-दो पालियों तथा 4 जुलाई को एक पाली में परीक्षा आयोजित होगी। प्रत्येक पाली में 6,432 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की गोपनीयता, शुचिता और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।डीएम ने सभी अधिकारियों को आयोग एवं शासन के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा दिवस पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे, परीक्षा केंद्रों पर शीतल पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। साथ ही सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय से अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करें। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आगे उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। सभी अधिकारी बैठक के बाद अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करेंगे तथा केंद्र व्यवस्थापकों से समन्वय स्थापित करेंगे।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र एवं गोपनीय सामग्री आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरी सुरक्षा के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाई जाए और परीक्षा समाप्त होने के बाद सीलबंद पैकेट सुरक्षित रूप से वापस जमा कराए जाएं। प्रश्नपत्रों के पैकेट खोलने से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के माध्यम से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 प्रभावी रहेगी। इस दौरान लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर फोटोस्टेट और कॉपी की दुकानें भी बंद कराई जाएंगी। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, पेजर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। डीएम ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने, परीक्षार्थियों की सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश देने तथा किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) एवं नोडल अधिकारी गंभीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुबन कुमार सिंह, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
