
रिपोर्ट____आशीष कुमार निषाद
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव में सोमवार को प्रशासन ने नवीन परती की सरकारी भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने की। मिली जानकारी के अनुसार, तहसील दिवस के दौरान गोविंदपुर निवासी कल्पनाथ पुत्र निहोर ने गांव के प्रकाश पुत्र पलकधारी, मलखा पुत्र तिलकू निषाद और राजेश पुत्र रामधारी पर गाटा संख्या 65 मि. की नवीन परती भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी अभयराज पाण्डेय को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं निर्देश के बाद नायब तहसीलदार विवेकानंद के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। वहीं इस कार्रवाई से प्रभावित राजेश ने आरोप लगाया कि उन्हें मात्र आधे घंटे पहले नोटिस दिया गया और पुलिस की मौजूदगी में उनका मकान गिरा दिया गया। उनका कहना है कि उन्होंने स्वयं सहायता समूह से करीब एक लाख रुपये का ऋण लेकर मकान बनवाया था और उनका परिवार पिछले 25 वर्षों से इसी स्थान पर रह रहा था। पीड़ित अमित निषाद ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2019 में उन्होंने भूमि को आबादी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। उनका आरोप है कि लंबे समय से निवास करने के बावजूद प्रशासन ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उनका घर ध्वस्त कर दिया। वहीं इस पूरे मामले पर उपजिलाधिकारी अभयराज पाण्डेय ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
