रिपोर्ट______अरुण यादव

आजमगढ़। शहर कोतवाली में फ्लैट दिलाने के नाम पर 20.10 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हरैया निवासी संतोष कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर पुलिस ने नरेंद्र उपाध्याय, उनकी पत्नी निशा और हरेंद्र उपाध्याय के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर 21 अगस्त 2026 को शाम 6:03 बजे दर्ज की गई।

फ्लैट दिलाने का भरोसा देकर रकम लेने का आरोप

एफआईआर के मुताबिक शिकायतकर्ता संतोष कुमार त्रिपाठी का आरोप है कि नामजद आरोपियों ने साजिश के तहत उन्हें विश्वास में लिया और दिल्ली स्थित एक फ्लैट को दिलाने की बात कही। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों पर विश्वास करते हुए उन्होंने अलग-अलग तिथियों में रकम उपलब्ध कराई।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि हरिश्चंद्र गुप्ता की पुत्री के नाम से संबंधित फ्लैट के लिए हरिश्चंद्र गुप्ता के खाते में सात लाख रुपये, जबकि फ्लैट मालिक की बेटी निशा के खाते में एक लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा नरेंद्र उपाध्याय के खाते में 10.85 लाख रुपये और 1.25 लाख रुपये नकद दिए जाने का उल्लेख है। इस तरह शिकायतकर्ता के अनुसार कुल 20.10 लाख रुपये की रकम आरोपियों से जुड़े लोगों को दी गई।

रकम लेने के बाद फ्लैट अपने नाम कराने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद कथित तौर पर संबंधित फ्लैट को उनके नाम कराने के बजाय आरोपियों ने उसे अपने नाम से पंजीकृत करा लिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक जब उन्होंने इस संबंध में आपत्ति जताई तो आरोपियों की ओर से उन्हें भरोसा दिलाया गया कि फ्लैट को उचित तरीके से बेचकर उन्हें उनकी पूरी रकम और उसका लाभ वापस कर दिया जाएगा।

तहरीर में यह भी आरोप है कि फ्लैट को बाद में वर्ष 2025 के नवंबर माह में बेच दिया गया, लेकिन शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी बाद में हुई। जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने स्तर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कथित तौर पर फोन बंद कर दिए गए।

रकम मांगने पर धमकी देने का भी आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोपियों की ओर से कथित तौर पर उन्हें जनवरी 2026 में घर आकर पैसा देने का आश्वासन दिया गया। आरोप है कि बाद में हरेंद्र उपाध्याय सहित अन्य लोग एक राय होकर शिकायतकर्ता के घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने दोबारा पैसा मांगने पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार को जान से मरवाने की धमकी तक दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की।

बैंक खातों और लेनदेन का भी तहरीर में उल्लेख

मामले में शिकायतकर्ता ने बैंक लेनदेन से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। एफआईआर में बताया गया है कि 1.25 लाख रुपये को छोड़कर शेष रकम आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में स्थानांतरित की गई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 352, 351(3) और 333 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना जितेंद्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक/वरिष्ठ उपनिरीक्षक को सौंपी गई है। थाना प्रभारी के रूप में यदुवेंद्र पांडेय का नाम एफआईआर में दर्ज है।

पुलिस अब तहरीर में लगाए गए आरोपों, बैंक खातों में हुए लेनदेन, फ्लैट के कथित पंजीकरण और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना के बाद ही हो सकेगी।