
रिपोर्ट_______अरुण यादव
आजमगढ़। रक्षाबंधन पर्व को लेकर जिले में राखी बाजार सजकर तैयार हो गया है। भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार को लेकर बहनों ने राखियों की खरीदारी तेज कर दी है। बाहर रहने वाले भाइयों के लिए राखियां भेजने वाली महिलाओं की भी दुकानों पर भीड़ बढ़ रही है। इससे बाजार की रौनक देखते ही बन रही है। कारोबारियों को उम्मीद है कि आखिरी दौर की खरीदारी में बाजार और गुलजार होगा और इस बार करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है।
थोक कारोबारियों के अनुसार राखी की बिक्री का कोई अधिकृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन जिले की अनुमानित आबादी और औसत बिक्री को आधार मानें तो कारोबार का आंकड़ा करीब 4.60 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। बाजार में पांच रुपये से लेकर करीब 750 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। कई बहनें एक से अधिक भाइयों के लिए राखी खरीदती हैं, वहीं मुंहबोले भाइयों के लिए भी राखियां खरीदी जाती हैं।
पश्चिम बंगाल की राखियों की बाजार में बड़ी हिस्सेदारी
राखी के कारोबार में पश्चिम बंगाल की राखियों का लंबे समय से दबदबा बना हुआ है। कारोबारियों के मुताबिक बाजार में आने वाली करीब 40 प्रतिशत राखियां पश्चिम बंगाल से मंगाई जाती हैं। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई और गुजरात से भी बड़ी संख्या में राखियां आती हैं। वहीं पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय स्तर पर भी महिलाओं ने राखी बनाने का काम शुरू किया है। जिले में तैयार होने वाली राखियों की हिस्सेदारी अब 10 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है।
नग वाली राखियों की सबसे ज्यादा डिमांड
इस बार बाजार में नग से लेकर रुद्राक्ष तक की राखियां उपलब्ध हैं। इनमें नग वाली राखियों की मांग सबसे ज्यादा है। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली रंग-बिरंगी राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जबकि युवाओं और बड़ों के लिए अलग-अलग डिजाइन और स्टाइल की राखियां बाजार में उपलब्ध हैं।
राजस्थानी और बंगाली परिवारों में खास है लुंबा राखी
बाजार में एक खास तरह की राखी ‘लुंबा’ भी उपलब्ध है, हालांकि इसके बारे में अभी कम लोग जानते हैं। झुमके के आकार की यह राखी खासतौर पर राजस्थानी और बंगाली परिवारों में महिलाओं के बीच बांधने की परंपरा है। पहले लुंबा राखी की बिक्री जोड़े में होती थी, लेकिन अब लोग इसे अलग-अलग भी खरीदकर बांध रहे हैं।
राखी के साथ रोली, अक्षत और चंदन का पैकेट भी
सफर के दौरान या ऐसी जगह जहां रक्षाबंधन की पूजा सामग्री आसानी से उपलब्ध न हो, वहां बहनों की सुविधा का भी बाजार ने ध्यान रखा है। दुकानों पर करीब 20 रुपये में ऐसा पैकेट उपलब्ध है, जिसमें अक्षत, रोली, चंदन और मिश्री शामिल हैं। वहीं पूजा की पूरी सामग्री वाली पैक्ड थाली भी बाजार में मिल रही है।
दफ्ती की थाली करीब 20 रुपये में उपलब्ध है, जबकि स्टील की थालियों की कीमत डिजाइन और गुणवत्ता के अनुसार करीब 200 से 300 रुपये तक है। ऐसे में रक्षाबंधन से पहले राखी बाजार में खरीदारी का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।
