रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। पवई ब्लॉक क्षेत्र में प्रसव पीड़ा से पीड़ित गर्भवती महिला के इलाज के दौरान नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध निजी अस्पताल को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया। मिली जानकारी के अनुसार पवई बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराई गई महिला को कथित रूप से मानक के अनुरूप उपचार नहीं मिला, जिसके चलते नवजात की मौत हो गई। घटना की खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित होने और स्थानीय शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के आदेश तथा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द्र कुमार को तत्काल जांच के लिए भेजा गया। बुधवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम जब अस्पताल पहुंची तो संचालक मौके से फरार मिला। जांच के दौरान पता चला कि अस्पताल बिना मान्यता और बिना पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था। निरीक्षण में अस्पताल परिसर के विभिन्न कमरों में अवैध रूप से ओटी, ओपीडी और जनरल वार्ड संचालित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने मकान मालिक को बुलाकर परिसर की चाबियां प्राप्त कीं और पूरी जांच के बाद अस्पताल को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान मीडिया की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने कहा कि जनसामान्य के जीवन से खिलवाड़ करने वाले अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बिना पंजीकरण और बिना मानक के संचालित अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।