रिपोर्ट:आशीष निषाद

अतरौलिया/आज़मगढ़। साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल के बीच आज़मगढ़ की अतरौलिया पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला के साथ हुई 25,000 रुपये की साइबर ठगी की पूरी राशि वापस करा दी है। अपने डूबे हुए पैसे वापस पाकर पीड़िता ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया है।


जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के गंगापुर खास निवासी नीलम पत्नी विपिन कुमार के पास बीते 3 सितंबर 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। जालसाज ने फर्जी कॉल के जरिए झांसा देकर नीलम के खाते से 25,000 रुपये की ठगी कर ली। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और अतरौलिया थाने में मामला पंजीकृत कराया।
शिकायत मिलते ही थानाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ दूबे के निर्देशन में साइबर हेल्पडेस्क टीम सक्रिय हो गई। प्रभारी उपनिरीक्षक अभिषेक यादव और कंप्यूटर ऑपरेटर आशीष कुमार ने तकनीकी जांच करते हुए मामले को आगे बढ़ाया। माननीय न्यायालय से फंड रिलीज ऑर्डर प्राप्त करने के बाद पुलिस ने संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस की इस तत्परता का परिणाम यह रहा कि पीड़िता के खाते में ठगी गई पूरी राशि 25,000 रुपये वापस करा दी गई।
इस सफलता में साइबर हेल्प डेस्क के प्रभारी उपनिरीक्षक अभिषेक यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए आशीष कुमार तथा महिला कांस्टेबल प्रियंका की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


थानाध्यक्ष ने अपील करते हुए कहा कि साइबर ठगी होने की स्थिति में थानाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति घबराए नहीं, बल्कि तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने के साइबर हेल्प डेस्क पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि समय पर शिकायत दर्ज होने से संबंधित बैंक खातों को तुरंत फ्रीज कराया जा सकता है, जिससे ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या ओटीपी साझा करने से बचें और साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।