रिपोर्ट: अरुण यादव

आजमगढ़। सोशल मीडिया पर महिला की छवि धूमिल करने के गंभीर मामले में आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना रौनापार पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने नाम बदलकर लखनऊ में छिपे एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में की गई, जिसमें अभियुक्त द्वारा फर्जी पहचान के सहारे महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का खुलासा हुआ है।


पीड़िता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना रौनापार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान सामने आया कि अभियुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से साइबर माध्यम का दुरुपयोग करते हुए महिला की वास्तविक तस्वीरों को एडिट कर अश्लील रूप में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। साथ ही पीड़िता व उसके परिजनों को लगातार डराने-धमकाने का भी आरोप है, जिससे वह मानसिक प्रताड़ना का शिकार रही।


एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि साइबर सेल द्वारा तकनीकी विश्लेषण और सर्विलांस के जरिए अभियुक्त की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद शनिवार को सुबह सरोजनी नगर, लखनऊ से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त स्मार्ट मोबाइल फोन, नाम बदलकर उपयोग किया गया फर्जी आधार कार्ड तथा सोशल मीडिया से संबंधित डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए।

एसपी सिटी ने बताया कि जांच में सामने आया कि अभियुक्त का वास्तविक नाम शादाब उर्फ शाहिद खान पुत्र असलम है, जो जनपद आजमगढ़ का निवासी है। पुलिस से बचने के लिए उसने अभिषेक पुत्र राजेश रावत के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर लखनऊ में रहना शुरू कर दिया था।